बिहार के पड़ोसी राज्य झारखंड की राजनीति में आने वाले दिनों में एक बड़ उलटफेर देखने को मिल सकता है। सूत्रों की मानें तो झारखंड सरकार में बड़े बदलाव का संकेत है। कहा जा रहा है कि बिहार में ‘राबडी देवी की ताजपोशी’ के फार्मूले की तर्ज़ पर हेमंत सोरेन भी अपनी पत्नी को अगला सीएम बना सकते हैं। इसके लिए विधायक दल की बैठक भी बुलाई गई है।
सीएम सोरेन के इस फैसले को लेकर सियासत के गलियारों में काफी चर्चा है। चारा घोटाले के आरोपी लालू प्रसाद यादव ने भी विवाद में फंसने के बाद पत्नी राबड़ी देवी को सत्ता सौंप दी थी और स्वयं जेल चले गए थे। अब सीएम हेमंत सोरेन पर भी ईडी का शिकंजा कसे जाने और गिरफ्तारी की तलवार पर लटकने के डर से वे अपनी पत्नी को सीएम बनाना चाहते हैं।
तो क्या सच में इतिहास दोहराया जाएगा? खैर जो भी हो झारखंड की राजनीति में लोकसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार में बड़े भूचाल के संकेत मिल रहे हैं। सीएम सोरेन ने बुधवार को विधानमंडल की बैठक बुलाई है, जिसमें बड़ा फैसला लिया जा सकता है। बुधवार, 3 जनवरी को विधायक दल की बैठक दोपहर साढ़े 4 बजे मुख्यमंत्री आवास (पुराना), कांके रोड, रांची के सभागार में आयोजित की जायेगी। इसके बाद ये माना जा रहा है कि सीएम हेमंत सोरेन बुधवार को अपनी पत्नी कल्पना को मुख्यमंत्री पद सौंप सकते हैं।
वहीं, झारखंड में चल रही सियासी बहस के बीच बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने एक पोस्ट कर हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा और लिखा कि झारखंड में भी बिहार की तरह जंगलराज है। झामुमो नेता राज्य में फिर से पुराना दौर दोहराने की कोशिश कर रहे हैं। चारा घोटालेबाज लालू प्रसाद की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जब उनके सारे हथकंडे फेल हो गये तो उन्होंने राबडी देवी को खड़ाऊ मुख्यमंत्री बना दिया और जेल चले गये। अब सीएम हेमंत सोरेन ईडी की गिरफ्तारी और जेल जाने के डर से अपनी पत्नी को सीएम बनाना चाहते हैं।