धार्मिक नगरी उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में चंद्रयान-3 की सफलता के लिए विशेष पूजा की जा रही है। महाकालेश्वर मंदिर के पंडित ने बताया कि भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल को दूध, दही, जल, शहद, फलों के रस से स्नान कराकर प्रार्थना की गई। भस्म आरती में चंद्रयान-3 और इस मिशन में शामिल वैज्ञानिकों की सफलता के लिए भी प्रार्थना की गई।
कहा जा रहा है, कि महाकाल के दरबार में की गई प्रार्थना हमेशा सफल होती है। यही कारण है कि सावन के महीने में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। चंद्रयान-3 की सफलता को लेकर महाकाल के दरबार में दिनभर पूजा-अर्चना का दौर चलता रहेगा।
'भगवान शिव के मस्तिष्क पर विराजमान हैं चंद्रमा'
महाकाल मंदिर के पुजारी ने बताया कि चंद्रमा भगवान शिव का रत्न है और उनके मस्तिष्क पर विराजमान है। भगवान महाकाल से की गई प्रार्थना सदैव सफल होती है। यह भारत के लिए इतिहास रचने वाला दिन है। चंद्रयान बुधवार शाम को उतरने वाला है। इसे ध्यान में रखते हुए पूजा का दौर शाम तक चलेगा। रात्रि में शयन आरती के दौरान भगवान महाकाल को धन्यवाद भी दिया जाएगा।
इसरो प्रमुख ने भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया
महाकालेश्वर मंदिर के एक पुजारी के मुताबिक इसरो प्रमुख एस सोमनाथ भी भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेने आ चुके हैं। उन्होंने भगवान महाकाल की पूजा और अभिषेक के दौरान चंद्रयान-3 की सफलता की भी कामना की थी। चंद्रयान-3 की सफलता के लिए बुधवार 23 अगस्त को भी भगवान महाकाल का दरबार सज रहा है।
इसरो के अनुसार, चंद्रयान-3 23 अगस्त को लगभग 18:04 बजे IST पर चंद्रमा पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है।