उत्तराखंड की टनल में 12 नवंबर से फंसे 41 मजदूरों को निकालने का काम शुरू हो गया है। एसडीआरएफ की टीम स्ट्रेचर और गद्दे लेकर टनल के अंदर पहुंच गई है। टनल के अंदर एक एंबुलेंस भी पहुंच रही है। मजदूरों को एनडीआरएफ की टीम दो घंटे में टनल से बाहर निकालेगी।
इससे पहले सिल्कियारा की ओर से क्षैतिज ड्रिलिंग में लगे रेट माइनर्स ने दुर्घटना के 17वें दिन खुदाई पूरी की और पाइप से बाहर आ गये। उन्होंने करीब 12 मीटर मैनुअल ड्रिलिंग की। 24 नवंबर को मजदूरों के स्थान से महज 12 मीटर की दूरी पर एक मशीन का ब्लेड टूट गया। जिसके चलते रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा था।
इसके बाद बाकी ड्रिलिंग के लिए सेना और रेट माइनर्स को बुलाया गया। 28 नवंबर, मंगलवार सुबह 11 बजे जब अधिकारियों ने श्रमिकों के परिवारजनों से उनके कपड़े और बैग तैयार रखने को कहा तो उनके परिवार के सदस्यों की खुशी साफ नजर आ रही थी। लगा जल्द ही अच्छी खबर आने वाली है।
रेस्क्यू से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि खुदाई का काम पूरा हो गया है। एनडीआरएफ की टीम पाइप के जरिए मजदूरों तक पहुंच रही है। इसके बाद पाइप के जरिए एक-एक करके मजदूरों को बाहर निकाला जाएगा।
इससे पहले मंगलवार सुबहराज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने बचाव अभियान पर बड़ा अपडेट दिया था। धामी ने बताया था कि मंगलवार सुबह तक 52 मीटर तक खुदाई हो चुकी है। अब मजदूरों से 7 से 8 मीटर दूरी रह गई है। एक्सपर्ट्स का भी कहना था कि अब तक अच्छे परिणाम मिले हैं। सब ठीक रहा तो अगले 24 घंटे में अच्छी खबर मिल सकती है।