कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला है। राहुल ने कहा जी20 की बैठक बेहद अहम है। भारत इसकी मेजबानी कर रहा है ये गर्व की बात है।" लेकिन इस दौरान उन्होंने मल्लिकार्जुन खरगे को जी20 की मीटिंग में नहीं बुलाने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
अपनी विदेश यात्रा के दौरान ब्रुसेल्स में मीडिया से चर्चा में राहुल गांधी ने कहा कि ये बताता है कि आप देश की 60 फीसदी जनता के नेता को तवज्जो नहीं देते।"
राहुल गांधी ने कहा कि हमारे देश के स्वभाव को बदलने का प्रयास किया जा रहा है। हमारे देश को राज्यों के संघ के रूप में वर्णित किया गया है, और हमारा मानना है कि हमारे संघ का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसके सदस्यों के बीच बातचीत है। यह महात्मा गांधी के दृष्टिकोण और नाथूराम गोडसे के दृष्टिकोण के बीच की लड़ाई है।
मणिपुर हिंसा को लेकर पूछे गए सवाल पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि हम लोगों के बीच लोकतांत्रिक अधिकार, सद्भाव और शांति चाहते हैं। मैं इस उद्देश्य के लिए 4000 किमी पैदल चला। भारत में लोकतंत्र की लड़ाई हमारी जिम्मेदारी है और हम इसका ध्यान रखेंगे। विपक्ष यह सुनिश्चित करेगा कि हमारी संस्थाओं और स्वतंत्रता पर हमला रुके।
वहीं एक सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि चीन एक विशेष दृष्टिकोण प्रस्तावित कर रहा है। वह ‘बेल्ट एंड रोड’ का विचार मेज पर रख रहे हैं। चीनी ऐसा करने में सक्षम हैं क्योंकि वे वैश्विक उत्पादन का केंद्र बन गए हैं। मुझे हमारी ओर से कोई वैकल्पिक दृष्टिकोण आता नहीं दिख रहा है। चुनौती यह है कि क्या हम एक वैकल्पिक दृष्टिकोण प्रदान कर सकते हैं जहां हम राजनीतिक और आर्थिक स्वतंत्रता के साथ लोकतांत्रिक परिस्थितियों में उत्पादन कर सकें?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी इन दिनों यूरोप दौरे पर हैं। शुक्रवार को ब्रसेल्स के प्रेस क्लब में राहुल गांधी ने कहा- भारत में इस वक्त महात्मा गांधी और नाथूराम गोडसे के विजन के बीच लड़ाई है। लोकतंत्र और संस्थान पर हमला हुआ है। हिंसा-भेदभाव बढ़ा है। अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी और निचली जातियां पर हमला किया जा रहा है।
I.N.D.I.A अलायंस से सरकार घबराई इसलिए देश का नाम बदलना चाहती है। हम भारत की आवाज हैं। इसे लेकर प्रधानमंत्री डरे हुए हैं इसीलिए वो देश का नाम बदलना चाहते हैं। यह पूरा मुद्दा अडाणी पर मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद हुआ, जिससे देश का ध्यान भटकाया जा सके।