उत्तरकाशी के सिल्क्यारा-डंडालगांव टनल में 12 नवंबर से फंसे 41 मजदूरों को मंगलवार 28 नवंबर शाम को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। बचाव दल के 17 दिनों की अथक मेहनत रंग ले आई। सभी मज़दूरों को सुरक्षित निकाले जाने के बाद भावुक देश बचाव टीम का मुरीद हो गया है।
दूसरी और सोशल मीडिया पर टनल हादसे में सफल रेसक्यू ऑपरेशन के बाद भोपाल गैस त्रासदी अचानक चर्चाओं में आ गई है। भोपाल गैस त्रासदी का जिक्र करते हुए यूजर्स तत्कालीन सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।
भाजपा युवा मोर्चा के तेजिंदर बग्गा ने लिखा कि - काश भोपाल गैस त्रासदी के समय भी एक ऐसी संवेदनशील सरकार होती तो हम इतने लोग नही खोते । लेकिन हादसे को रोकना तो दूर दलाली खा के राजीव गांधी द्वारा 15000 भारतीयों के हत्यारे एंडरसन को दलाल राजीव गांधी द्वारा हिंदुस्तान से भगा दिया गया
न्यूज़ एंकर सुशांत सिन्हा ने लिखा- एक रेसक्यू ऑपरेशन ये भी था जिसमें भोपाल गैस कांड में मरते लोगों के गुनहगार एंडरसन को सरकारी गाड़ी में, एसपी साहब ड्राइव करके एयरपोर्ट तक “रेसक्यू” करके ले गए और फिर फ्लाइट से एंडरसन अपने देश भाग गया। इत्तेफाकन द रेलवे मैन नाम की वेबसीरीज अभी चल भी रही है जो बताती है कि कैसे एक जमाने में कैसे और किनका रेस्कयू करती थी सरकारें और आम आदमी को रेसक्यू के नाम पर क्या मदद मिलती थी।
गौरतलब है कि उत्तरकाशी के सिल्क्यारा-डंडालगांव सुरंग का एक हिस्सा 12 नवंबर को सिल्क्यारा की ओर से 205 और 260 मीटर के बीच ढह गया था । 260 मीटर के निशान से आगे काम कर रहे 41 मजदूर वहां फंस गए थे, उनका बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया था। 17 दिन चले रेसक्यू ऑपरेशन से सुरंग में फंसे सभी 41 मजदूरों को मंगलवार शाम सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।