उत्तरकाशी के सिल्क्यारा-डंडालगांव टनल में 12 नवंबर से फंसे 41 मजदूरों को मंगलवार 28 नवंबर शाम को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। बचाव दल के 17 दिनों की अथक मेहनत रंग ले आई। उत्तराखंड का पहला मजदूर शाम 7.50 बजे बाहर निकाला गया।  

इस दौरान अंतर्राष्ट्रीय टनलिंग विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स लगातार सिल्कयारा सुरंग के पास रेस्क्यू पर नजर बनाए रहे। हाल ही में 41 श्रमिकों की सुरक्षित निकासी के लिए अर्नोल्ड डिक्स एक पुजारी के साथ बाबा बौखनाथ से सभी की सुरक्षित घर वापसी के लिए प्रार्थना करते भी नजर आए थे।

सिल्क्यारा सुरंग से सभी 41 श्रमिकों के सफल बचाव पर, अंतरराष्ट्रीय सुरंग विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स कहते हैं, "सेवा करना मेरे लिए सम्मान की बात है, और एक माता-पिता के रूप में, सभी माता-पिता को उनके बच्चों को घर पहुंचाने में मदद करना मेरे लिए सम्मान की बात है। याद रखें शुरुआत में मैंने कहा, 41 लोग यहां पर हैं, और क्रिसमस किसी को चोट नहीं पहुचांति। क्रिसमस जल्दी आ रहा है... हम शांत थे, और हम ठीक-ठीक जानते थे कि हम क्या चाहते हैं।

अर्नोल्ड डिक्स ने आगे कहा कि हमने एक अद्भुत टीम के रूप में काम किया। भारत के पास सबसे अच्छे इंजीनियर हैं। इस सफल मिशन का हिस्सा बनना बहुत खुशी की बात है। मुझे मंदिर जाना है क्योंकि जो हुआ उसके लिए मैंने धन्यवाद देने का वादा किया था। यदि आपने ध्यान दिया है, तो हमने सिर्फ एक चमत्कार देखा है। अर्नोल्ड डिक्स ने कहा, मैंने अपने लिए कुछ नहीं मांगा, मैंने वहां फंसे 41 लोगों और मदद करने वाले सभी लोगों के लिए प्रार्थना की।

सिल्कयारा सुरंग से सभी 41 श्रमिकों के सफल बचाव पर ऑस्ट्रेलियाई प्रधान मंत्री एंथनी अल्बानीज़ के बधाई संदेश में, अंतरराष्ट्रीय सुरंग विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स ने कहा: धन्यवाद, श्रीमान प्रधान मंत्री... यह दिखाना मेरा विशेषाधिकार और खुशी है कि हम अकेले नहीं हैं। क्रिकेट में ही नहीं हम टनल रेस्क्यू समेत अन्य काम भी करते हैं। 41 लोग बाहर आ चुके हैं सभी सुरक्षित हैं और सब ठीक है।

आपको बता दें कि ऑस्ट्रेलियाई प्रधान मंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने उत्तराखंड में सिल्क्यारा-बारकोट सुरंग के अंदर फंसे 41 श्रमिकों को बचाने के लिए सफलतापूर्वक बचाव अभियान चलाने के लिए भारतीय अधिकारियों की प्रशंसा की।

दरअसल, 12 नवंबर को सुरंग का एक हिस्सा सिल्क्यारा की ओर से 205 और 260 मीटर के बीच ढह गया। 260 मीटर के निशान से आगे काम कर रहे 41 मजदूर वहां फंस गए, उनका बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया। सिल्कयारा सुरंग में 12 नवंबर से फंसे सभी 41 मजदूरों को मंगलवार शाम सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बचाए गए श्रमिकों को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने फूल माला पहनाई और उनका स्वागत किया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बचावकर्मियों की सराहना की और कहा कि उन्होंने मानवता और टीम वर्क की मिसाल कायम की है।