संसद की सुरक्षा में चूक पर गुरुवार को दोनों सदनों में विपक्ष ने हंगामा किया। विपक्षी सांसदों ने संसद की सुरक्षा में चूक का हवाला देते हुए गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफ की मांग की। विपक्षी नेताओं की नारेबाजी के बीच 14 सांसदों को पूरे सत्र के लिए सस्पेंड कर दिया गया।
सस्पेंड सांसदों में कांग्रेस के टी एन प्रतापन, हिबी ईडन, जोथिमानी, राम्या हरिदास, डीन कुरियाकोस , मनिकम टैगोर, एमडी जावेद, वीके श्रीकंदन और बेनी बेहनन भी शामिल हैं। सस्पेंडेड सांसदों में CPI (M) और DMK के 2-2 और CPI के एक नेता शामिल हैं।
इससे पहले राज्यसभा से TMC सांसद डेरेक ओ'ब्रायन को भी बचे हुए सत्र से निलंबित किया गया। डेरेक नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए थे, जिससे स्पीकर जगदीप धनखड़ नाराज हो गए। जिसके बाद डेरेक ओ'ब्रायन के खिलाफ कार्रवाई की गई।
इधर संसद में सुरक्षा में चूक पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में वक्तव्य दिया। उन्होंने बताया कि कल जो घटना हुई, उसकी सबने निंदा की है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। लोकसभा अध्यक्ष ने घटना के जांच के आदेश दिए हैं। हम सभी सांसदों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
विपक्ष के हंगामे को लेकर राजनाथ सिंह ने कहा कि संसद में अराजक स्थिति पैदा करना उचित नहीं है। वहीं संसद की सुरक्षा चूक मामले में लोकसभा सचिवालय ने सख्त एक्शन लिया है। लोकसभा सचिवालय ने गुरुवार को 8 सुरक्षाकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। इन सभी सुरक्षा कर्मियों को लापरवाही बरतने के लिए सस्पेंड किया गया।
मंत्रालय ने लोकसभा सचिवालय के अनुरोध पर सुरक्षा में चूक की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक अनीश दयाल सिंह इस समिति का नेतृत्व कर रहे हैं। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि समिति में अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सदस्य और एक्सपर्ट भी शामिल किए गए हैं।