केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के दूसरे दिन आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कुछ नये शब्दों और शैली में केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मैं आज दिमाग से नहीं, दिल से बोलूंगा, क्योंकि दिल की बात दिल तक जाती है। अपनी भारत जोडो यात्रा का जिक्र करते हुये राहुल ने कहा, लोग कहते हैं कि ये देश है, कोई कहता है कि ये अलग अलग भाषाएं हैं। कोई कहता है कि धर्म है। ये सोना है। ये चांदी है। मगर सच्चाई है कि देश एक आवाज है यह देश सिर्फ एक आवाज है, इस आवाज को सुनना है, तो हमें अहंकार को किनारे करना होगा।

राहुल के संसद में संबोधन के वक्त भाजपा की ओर से टोकाटोकी भी जारी रही तो कांग्रेस पक्ष की और से भी जवाब चलते रहे। राहुल ने स्पीकर ओम बिड़ला की तरफ मुखातिब होकर कहा आपसे माफी मांगना चाहता हूं। मैंने पिछली बार अडानी के मुद्दे पर जोर से बोला था। उससे सीनियर नेता को कष्ट हुआ लेकिन आपको अब डरने की जरूरत नहीं है कोई घबराने की जरूरत नहीं है, आज मैं अडानी पर नहीं बोलने जा रहा। मेरा भाषण आज दूसरी दिशा में जा रहा है। उन्होंने रूमी का उल्लेख करते हुए कहा कि - जो शब्द दिल से आते हैं, वो शब्द दिल में जाते हैं लिहाजा आज मैं दिमाग से नहीं दिल से बोलना चाहता हूं और मैं इतना आक्रमण नहीं करूंगा। एक दो गोले जरूर मारूंगा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी आज तक मणिपुर नहीं गये, शायद वे इसे देश से बाहर समझते हैं। हिंदुस्तान की सेना एक दिन में मणिपुर में शांति ला सकती है लेकिन आप हर रोज मणिपुर में हिंदुस्तान को मार रहे हैं। हालांकि लोस अध्यक्ष ने उन्हें भारतमाता शब्द के उपयोग पर संयम की भी सलाह दी।

राहुल के अलावा कांग्रेस की ओर से रेवंत रेड्डी और हेबी ईडन के नाम भी आज चर्चा के लिए दिए गए हैं। वहीं, विपक्ष के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी अविश्वास प्रस्ताव पर सरकार का पक्ष रखेंगी फिर आज ही गृहमंत्री अमित शाह, निर्मला सीतारमण, हिना गावित, रमेश बिधुड़ी विपक्ष के आरोपों पर जवाब देंगे।

मणिपुर विभाजित नहीं....

राहुल के जवाब में भाजपा की तरफ से केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा, पहली बार राष्ट्र के इतिहास में भारत माता की हत्या की बात कही गई। कांग्रेस पार्टी यहां पर तालियां बजाती रही। इस बात का संकेत पूरे देश को दिया कि मन में गद्दारी किसके है? स्मृति ने कहा कि मणिपुर खंडित नहीं है, विभाजित नहीं है। देश का हिस्सा है, आपके सहयोगी दल के नेता ने तमिलनाडु में कहा, भारत का मतलब मात्र उत्तर भारत है। राहुल गांधी में हिम्मत है, तो डीएमके के अपने साथी का खंडन करके बताएं।

इसलिये चुना आज 12 का वक्त !

अविश्वास प्रस्ताव पर आज लोकसभा में दोपहर 12 बजे राहुल गांधी के बोलने के पीछे की कांग्रेस की खास तैयारी मानी जा रही है। पहले तय हुआ कि राहुल कल प्रस्ताव के पहले दिन पहले वक्ता के तौर पर बोलेंगे। लेकिन राहुल की जगह गौरव गोगोई ने बोलना शुरू किया। माना जा रहा है कि आज चूंक भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ है। इसके अलावा आज विश्व आदिवासी दिवस भी है। लिहाजा राहुल ने ये मौका जानकार चुना है क्योंकि इन दो अहम मौकों के जरिए वह केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर हमला कर सकते हैं। मणिपुर हिंसा पर पीएम नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर राहुल लगातार सवाल उठाते रहे हैं। वह मणिपुर दौरे पर भी गए थे और पीड़ितों से मुलाकात की थी।