भारतीय जनता पार्टी की लोकसभा चुनाव के लिए लिस्ट जारी होने से पहले ही दो नामी सांसदों ने राजनीति से संन्यास का ऐलान कर दिया। शनिवार को पहले  पूर्वी दिल्ली से सांसद और पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर ने राजनीति से संन्यास का एलान किया उसके बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोकसभा सांसद जयंत सिन्हा ने भी संन्यास का ऐलान कर दिया।  

दोनों ही नेताओं ने अपने कार्यक्षेत्र में व्यवस्तता का हवाला तो दिया है लेकिन यह भी कहा जा रहा है कि भाजपा इन दोनों के ही टिकट काटने की तैयारी कर चुकी है। यही कारण है कि गौतम गंभीर और जयंत सिन्हा दोनों ने ही पार्टी अध्यक्ष से चुनावी कार्यों से मुक्त करने का अनुरोध किया है।  

जयंत सिन्हा ने खुद ट्वीट कर राजनीति से संन्यास का ऐलान किया है। सिन्हा ने ट्वीट करते हुए कहा कि  मैंने आदरणीय पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा जी से अनुरोध किया है कि वे मुझे प्रत्यक्ष चुनावी कार्यों से मुक्त कर दें ताकि मैं भारत और दुनिया भर में वैश्विक जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयासों पर ध्यान केंद्रित कर सकूं।

उन्होंने आगे लिखा कि निश्चित रूप से, मैं आर्थिक और शासन के मुद्दों पर पार्टी के साथ काम करना जारी रखूंगा। पिछले दस वर्षों में मुझे भारत और हजारीबाग के लोगों की सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इसके अलावा, मुझे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, माननीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेतृत्व द्वारा प्रदान किए गए कई अवसरों का आशीर्वाद मिला है। उन सभी के प्रति मेरी हार्दिक कृतज्ञता। जय हिन्द!

इससे पहले पूर्वी दिल्ली से भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने भाजपा अध्यक्ष को पत्र लिखकर सक्रिय राजनीति छोड़ने और उन्हें उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त करने का अनुरोध किया। काफी समय से चर्चा चल रही थी कि बीजेपी इस बार गौतम गंभीर को टिकट नहीं देगी, इस चर्चा के बीच गौतम गंभीर ने ट्वीट के जरिए जो जानकारी दी है उससे काफी कुछ साफ हो गया है।