हरियाणा में गुरुवार को नायब सिंह सैनी ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। ओबीसी नेता नायब सिंह सैनी समेत अन्य नेताओं को हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय CM पद की शपथ दिलाई। नायब सिंह सैनी की शपथ के बाद वरिष्ठ नेता अनिल विज मंत्री बने। एक समय उन्हें सीएम पद का दावेदार माना जा रहा था। 

Image

कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले अन्य नेताओं में महिपाल ढांडा, कृष्ण लाल पंवार, राव नरबीर सिंह शामिल हैं। विपुल गोयल, अरविंद शर्मा, श्याम सिंह राणा ने भी मंत्री पद की शपथ ली। नायब सिंह सैनी के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे।

Image

पंचकुला में कड़ी सुरक्षा में आयोजित कार्यक्रम में एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों ने भी हिस्सा लिया। शपथ ग्रहण से पहले वाल्मिकी जयंती का भी जिक्र किया गया। सैनी ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है।

Image

नायब सैनी के शपथ ग्रहण समारोह के जरिए भारतीय जनता पार्टी ने एक संदेश भी देने की कोशिश की। नायब सिंह सैनी का शपथ ग्रहण समारोह बीजेपी के लिए शक्ति प्रदर्शन की तरह रहा। इसकी सबसे बड़ी वजह महाराष्ट्र और झारखंड में होने वाले चुनाव हैं। इस शपथ ग्रहण समारोह के जरिए बीजेपी इन दोनों राज्यों की जनता को यह संदेश देने की कोशिश करती नजर आई कि अगर बीजेपी को महाराष्ट्र और झारखंड में मौका मिला तो वह जनता के हित में फैसले लेने में बिल्कुल भी देरी नहीं करेगी।

Image

नायब सिंह सैनी ने शपथ लेने से पहले 24 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटने का वादा किया था, जिसे उन्होंने पूरा किया। उन्होंने बुधवार को कहा कि वह 17 अक्टूबर को शपथ ग्रहण से पहले इन युवाओं को नियुक्ति पत्र देंगे। इसके बाद ही वह शपथ लेंगे। इस दौरान सैनी ने कहा कि हमने चुनाव प्रचार के दौरान प्रदेश के युवाओं से यह वादा किया था। अब जब हम सत्ता में वापस आ गए हैं तो सबसे पहले जनता से किया वादा पूरा कर रहे हैं।

हरियाणा के नए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के शपथ ग्रहण समारोह के साथ बीजेपी ने महाराष्ट्र और झारखंड में भी चुनाव को साधने की कोशिश की। बीजेपी ने सीधा संदेश देने की कोशिश की है कि सत्ता में आने के बाद जनता के हित में फैसले लेना उसकी पहली प्राथमिकता होगी। शपथ लेने से पहले नायब सिंह सैनी के बयान से यह भी साफ हो गया कि वह यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि सत्ता में आने के बाद वह जनता से किए वादे तुरंत पूरे करेंगे।