न्यूज़ीलैंड ने मंगलवार को क्रिकेट इतिहास का एक बड़ा ऐलान किया। न्यूज़ीलैंड अब अपने पुरुष और महिला खिलाड़ियों को मैच फ़ीस का एक समान राशि का भुगतान करेगा। मतलब टेस्ट,वनडे या T-20 खेलने पर जितनी राशि एक पुरुष क्रिकेटर को मिलती है उतनी ही राशि न्यूज़ीलैंड अपनी महिला क्रिकेटरों को भी देगा।
यही नहीं न्यूज़ीलैंड ने अपने घरेलू क्रिकेट में भी इसी फ़ॉर्मूले को लागू कर दिया है। इस तरह अब इंटरनेशनल या डोमेस्टिक क्रिकेट में महिला क्रिकेटरों को पुरुष क्रिकेटरों के समान ही पैसा दिया जाएगा। इस ऐतिहासिक ऐलान के बाद न्यूज़ीलैंड की महिला क्रिकेटरों को मिलने वाली धनराशि लगभग दोगुना हो जाएगी। न्यूज़ीलैंड ने अपने अनुबंधित महिला खिलाड़ियों की संख्या भी बढ़ाने का ऐलान किया है।
इसके साथ ही यह दुनिया के सबसे अमीर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सामने भी यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या वो भी न्यूज़ीलैंड जैसे छोटे देश की तरह अपने महिला खिलाड़ियों को पुरुष खिलाड़ियों के बराबर धनराशि दे पाएगा।
गौरतालाब है कि BCCI के अनुबंध में भी पुरुषों और महिलाओं के कॉन्ट्रैक्ट में बहुत बड़ी असमानता है। ग्रेड A के पुरुष खिलाड़ी को हर साल 5 करोड़ रुपये मिलते हैं जबकि इसी श्रेणी में महिला खिलाड़ी को सिर्फ 50 लाख रुपये मिलते हैं।