नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ANI ने टेरर फंडिंग और कैंप चलाने के मामले में देशभर में PFI यानी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया और उसके ठिकानों पर छापेमारी की है। पिछले कुछ दिनों में, ईडी, एनआईए और राज्य पुलिस ने 10 से भी ज़्यादा राज्यों से अलग-अलग मामलों में पीएफआई से जुड़े 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। यह पीएफआई और इसके लोगों पर प्रशिक्षण गतिविधियों, टेरर फंडिंग और लोगों को संगठन से जोड़ने को लेकर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। NIA के छापे के खिलाफ PFI कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह प्रदर्शन भी किया। 

PFI नेताओं के घर हुई छापेमारी

NIA की छापेमारी को लेकर PFI के महासचिव अब्दुल सत्तार ने कहा है, कि विरोध की आवाज को दबाने के लिए एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे पहले 18 सितंबर को NIA ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 23 जगहों पर छापेमारी की थी। यह छापेमारी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया द्वारा कराटे ट्रेनिंग सेंटर के नाम पर प्रतिबंधित संगठन से संबंधित ट्रेनिंग कैंप चलाने के मामले में की गई थी।

NIA ने कराटे प्रशिक्षक अब्दुल कादिर को गिरफ्तार भी किया है। सूत्रों के मुताबिक अब्दुल कादिर और PFI पर कराटे सिखाने की आड़ में मुस्लिम युवकों को दंगा कराने के लिए तैयार करने का आरोप है। सूत्रों की मानें तो गिरफ्तार लोगों के पास से हथियार भी बरामद किए गए हैं। इन हथियारों का इस्तेमाल इन मुस्लिम युवकों को ट्रेनिंग देने में किया जाता था। 

NIA के अधिकारी कराटे प्रशिक्षण और अवैध गतिविधियों के सिलसिले में गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर रहे हैं। NIA ने निजामाबाद, कुरनूल, गुंटूर और नेल्लोर जिलों में छापेमारी की थी। सूत्रों की माने तो NIA ने उन्हीं जगहों पर छापेमारी की, है जहां से आतंकी गतिविधियों के संचालन की जानकारी मिली थी।