केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (18 नवंबर) को काउंटर-टेररिज्म फाइनेंसिंग पर तीसरे NMFT 'नो मनी फॉर टेरर' मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में हिस्सा लिया. सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि आतंकवाद नि:संदेह वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए सबसे गंभीर खतरा है. लेकिन आतंकवाद का वित्त पोषण, आतंकवाद से कहीं ज्यादा खतरनाक है क्योंकि आतंकवाद की प्रक्रिया को इसी फंड से पोषित किया जाता है.

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अमित शाह ने आगे कहा कि भारत, आतंकवाद के सभी रूपों और प्रकारों की घोर निंदा करता है. हमारा मानना है कि निर्दोष लोगों की जान लेने जैसे कृत्य को उचित ठहराने का कोई भी कारण स्वीकार नहीं किया जा सकता. भारत कई दशकों से आतंकवाद का शिकार रहा है.

उन्होंने बताया कि भारतीय सुरक्षा बलों और आम नागरिकों को निरंतर सीमा पार से प्रायोजित गंभीर आतंकी हिंसा की घटनाओं से जूझना पड़ा है. इंटरनेशनल कम्युनिटी का एक कलेक्टिव अप्रोच है कि आतंक के सभी रूपों की निंदा की जानी चाहिए. लेकिन तकनीकी क्रांति से आतंकवाद के रूप और प्रकार निरंतर बदल रहे हैं, ये हमारे लिए चुनौती है.

अमित शाह बोले, दुर्भाग्य से कुछ देश ऐसे भी हैं, जो आतंकवाद से लड़ने के लिए हमारे सामूहिक प्रयास को कमजोर और नष्ट करना चाहते हैं. कुछ देश आतंकवादियों का बचाव करते हैं और उन्हें पनाह भी देते हैं. आतंकवादी को संरक्षण देना, आतंकवाद को बढ़ावा देने के बराबर है. ये हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि ऐसे तत्व और ऐसे देश, अपने इरादों में कभी सफल न हो सकें.