No Confidence Motion: विपक्ष के लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार यानी 10 अगस्त को दिया. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस सहित अन्य विपक्ष दलों पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा, कहते हैं कि भगवान बहुत दयालु हैं और भगवान की मर्जी होती है कि वो किसी न किसी के माध्यम से अपनी इच्छा की पूर्ति करते हैं. मैं इसे भगवान का आशीर्वाद मानता हूं कि ईश्वर ने विपक्ष को सुझाया और वो प्रस्ताव लेकर आए. 2018 में भी ये ईश्वर का ही आदेश था जब विपक्ष के मेरे साथी अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे.
देंखे लाइव-
पीएम मोदी बोले, एक तरह से विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव हमारे लिए शुभ होता है. मैं आज देख रहा हूं कि आपने तय कर लिया है कि NDA और BJP 2024 के चुनाव में पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़कर भव्य विजय के साथ जनता के आशीर्वाद से वापस आएगी. अविश्वास प्रस्ताव हमारी सरकार का फ्लोर टेस्ट नहीं है, बल्कि ये उन्हीं का फ्लोर टेस्ट है.
उन्होंने आगे कहा, अविश्वास प्रस्ताव के मत के दौरान विपक्ष के पास जितने वोट थे, उतने वोट भी वो जमा नहीं कर पाए थे. इतना ही नहीं, जब हम जनता के पास गए तो जनता ने भी पूरी ताकत के साथ इनके लिए No Confidence घोषित कर दिया. विपक्ष के प्रस्ताव पर यहां 3 दिनों से अलग-अलग विषयों पर काफी चर्चा हुई है. अच्छा होता सदन की शुरुआत के बाद से ही विपक्ष ने गंभीरता के साथ सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया होता.
पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष की कुछ पार्टियों ने अपने व्यवहार से यह साबित कर दिया है कि पार्टी देश से ज्यादा महत्वपूर्ण है. पार्टी उनकी प्राथमिकता है. मैं मानता हूं कि आपको देश के गरीबों की चिंता नहीं है, आपको सत्ता की चिंता है. विपक्ष ने सिद्ध कर दिया है कि देश से बड़ा उनके लिए दल है, देश से पहले उनकी प्राथमिकता दल है.
उन्होंने कहा, मैं समझता हूं कि आपको गरीब की भूख की चिंता नहीं है, सत्ता की भूख ही आपके दिमाग पर सवार है. कई ऐसे बिल थे जो गांव, गरीब, दलित, पिछड़ों और आदिवासियों के कल्याण के लिए थे, उनके भविष्य के साथ जुड़े हुए थे, लेकिन इसमें उन्हें (विपक्ष) कोई रूचि नहीं है. देश की जनता ने जिस काम के लिए उनको यहां भेजा है, उस जनता के साथ भी विश्वासघात किया गया है.
पीएम मोदी ने बोले, आपको देश के युवाओं के भविष्य की नहीं बल्कि अपने राजनीतिक भविष्य की चिंता है. एक दिन आप जुटे तो अपने कट्टर भ्रष्ट साथी की शर्त पर मजबूर होकर जुटे. आप ये मत भूलिए, आपको देश देख रहा है, आपके एक-एक शब्द को देश गौर से सुन रहा है. लेकिन हर बार देश को निराशा के सिवा आपने कुछ नहीं दिया है.
उन्होंने आगे कहा, इस अविश्वास प्रस्ताव पर भी आपने कैसी चर्चा की, इससे आपके दरबारी भी बहुत दुःखी हैं. इस डिबेट का मजा तो तब आया, जब फील्डिंग विपक्ष ने लगाई, लेकिन चौके, छक्के हमारी तरफ से ही लगे. विपक्ष No Confidence motion पर No Ball ही करता जा रहा है. इस अविश्वास प्रस्ताव में कुछ ऐसी विचित्र चीजें नजर आईं, जो पहले न कभी देखी हैं न सुनी हैं और न ही जिसकी कल्पना की है. सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता का बोलने वालों की सूची में नाम ही नहीं था.
पीएम मोदी ने कांग्रेस को घेरते हुए बताया कि 1999 में वाजपेयी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया. शरद पवार साहब उस समय विपक्ष का नेतृत्व कर रहे थे, उन्होंने डिबेट का नेतृत्व किया. 2003 में अटल सरकार के समय सोनिया गांधी विपक्ष की नेता थीं, उन्होंने विस्तार से अविश्वास प्रस्ताव रखा. 2018 में खड़गे विपक्ष के नेता थे, उन्होंने विषय को आगे बढ़ाया. लेकिन, इस बार अधीर बाबू का क्या हाल हो गया. उनकी पार्टी ने उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया.
उन्होंने आगे कहा, ये तो कल अमित भाई ने कहा और आपकी (स्पीकर) उदारता रही कि उनका समय समाप्त होने के बाद भी आपने उनको आज मौका दिया. लेकिन, गुड़ का गोबर करने में ये माहिर हैं. मैं नहीं जानता कि क्यों अधीर बाबू को दरकिनार कर दिया गया. क्या पता कोलकाता से कोई फोन आया हो. कांग्रेस बार-बार उनका अपमान करती है, कभी चुनावों के नाम पर उन्हें अस्थायी रूप से फ्लोर लीडर के पद से हटा देते हैं. हम अधीर बाबू के प्रति अपनी पूरी संवेदना व्यक्त करते हैं.
पीएम मोदी बोले, 140 करोड़ देशवासियों का पुरुषार्थ इस कालखंड में अपने पराक्रम से, पुरुषार्थ से, अपनी शक्ति से और सामर्थ्य से जो करेगा वो आने वाले 1,000 साल की मजबूत नींव रखने वाला है. 21वीं सदी का ये कालखंड, सदी का वो कालखंड है, जो भारत के हर सपने को सिद्ध करने का अवसर प्रदान करेगा. आज भारत के युवा रिकॉर्ड स्टार्टअप बना रहे हैं. आज भारत रिकॉर्ड विदेशी निवेश आकर्षित कर रहा है. आज भारत का निर्यात नई ऊंचाइयों को छू रहा है. आज विपक्ष को देश के बारे में कोई भी सकारात्मक बात सुनाई नहीं देती.
उन्होंने बताया कि आज देश में गरीबी तेजी से घट रही है. नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में लगभग 13.5 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं. आईएमएफ के एक वर्किंग पेपर के अनुसार, भारत ने अत्यधिक गरीबी को लगभग समाप्त कर दिया है. आईएमएफ ने डीबीटी और अन्य सामाजिक कल्याण योजनाओं को 'लॉजिस्टिकल मार्वल' कहा है. WHO के अनुसार, जल जीवन मिशन के कारण लगभग 4 लाख लोगों की जान बचाई गई है.
विपक्ष पर तंज कसते हुए पीएम मोदी ने कहा, हमारे विपक्ष के साथियों का सबसे प्यारा नारा है, मोदी तेरी कब्र खुदेगी. लेकिन, मेरे लिए इनकी ये गालियां, ये अपशब्द टॉनिक का काम करते हैं. विपक्ष के लोगों को एक रहस्यमयी वरदान मिला हुआ है कि जिसका भी ये लोग बुरा चाहेंगे उसका भला ही होगा. ऐसा ही एक उदाहरण आपके सामने खड़ा है. 20 साल हो गए क्या कुछ नहीं हुआ पर भला ही होता चला गया.
उन्होंने आगे कहा, ये वे लोग हैं, जिन्हें देश के सामर्थ्य पर भरोसा नहीं है. इन लोगों को देश के परिश्रम पर विश्वास नहीं है. देश के पराक्रम पर विश्वास नहीं है. लेकिन, हमारी प्लानिंग और परिश्रम की निरंतरता बनी रहेगी. जिसका परिणाम होगा कि हम विश्व में तीसरे स्थान पर पहुंच कर रहेंगे. देश का विश्वास है कि 2028 में आप जब अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएंगे, तब ये देश पहले 3 देशों में होगा.
पीएम मोदी बोले, कांग्रेस के पास ना नीति है, ना नीयत है, ना विजन है, ना वैश्विक अर्थव्यस्था की समझ है और ना ही भारत के अर्थजगत का पता है. भारत के लोगों में कांग्रेस के प्रति No Confidence का भाव बहुत गहरा है. कांग्रेस अपने घमंड में इतनी चूर हो गई है कि उसको जमीन तक दिखाई नहीं देती.
उन्होंने बताया कि विपक्ष ने दावा किया था कि भारत का बैंकिंग सेक्टर बर्बाद हो जाएगा. अपने दावे को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए उन्होंने दूसरे देशों के विशेषज्ञों को बुलाया. हालाँकि, हमारे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक का शुद्ध लाभ दोगुना हो गया. फोन बैंकिंग घोटाले के कारण देश को एनपीए की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा. लेकिन, आज हमने उस समस्या पर भी काबू पा लिया है.
पीएम मोदी ने कहा, सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा कंपनी एचएएल के बारे में विपक्ष ने गलत सूचनाएं फैलाईं. उन्होंने दावा किया कि देश का रक्षा उद्योग और एचएएल डूब रहा है और उसका कोई भविष्य नहीं है. हालाँकि, आज HAL सफलता की नई ऊँचाइयाँ छू रहा है. एचएएल ने अपना अब तक का सबसे अधिक राजस्व दर्ज किया है.
उन्होंने विपक्षी एकजुटता को लेकर कहा, मैं आज इस मौके पर हमारे विपक्ष के साथियों के प्रति अपनी संवेदना भी व्यक्त करना चाहता हूं. कुछ ही दिन पहले बेंगलुरु में आपने मिल-जुलकर करीब डेढ़-दो दशक पुराने UPA का अंतिम संस्कार किया है. लोकतांत्रिक व्यवहार के अनुसार, मुझे तभी आपसे सहानुभूति व्यक्त करनी चाहिए थी, लेकिन देरी में मेरा कुसूर नहीं है. क्योंकि आप खुद ही एक ओर UPA का क्रिया-कर्म कर रहे थे और दूसरी ओर जश्न भी मना रहे थे. जश्न भी खंडहर पर नया प्लास्टर लगाने का था.
कांग्रेस का जिक्र करते हुए पीएम मोदी बोले, कश्मीर आतंकवाद की आग में दिन-रात सुलग रहा था, लेकिन कांग्रेस सरकार का कश्मीर के आम लोगों पर विश्वास नहीं था. ये हुर्रियत, अलगाववादियों और पाकिस्तान का झंडा लेकर चलने वालों पर विश्वास करते थे. भारत ने आतंकवाद पर सर्जिकल स्ट्राइक की, एयर स्ट्राइक की, लेकिन इनको भारत की सेना पर भरोसा नहीं था, इनको भरोसा दुश्मन के दावों पर था. दुनिया में कोई भारत को अपशब्द बोलता है तो इन्हें उनपर तुरंत विश्वास हो जाता है और प्रचार करने में लग जाते हैं. ये कांग्रेस की फितरत रही है.
उन्होंने आगे कहा, खुद को जिंदा रखने के लिए, इन्हें (विपक्ष) NDA का ही सहारा लेना पड़ा है. आदत के मुताबिक घमंड का I (आई) इनको छोड़ता नहीं है. इसलिए NDA में 2 घमंड के I पिरो दिए. पहला I 26 दलों का घमंड और दूसरा I एक परिवार का घमंड. NDA भी चुरा लिया और India के भी टुकड़े कर दिए, मतलब I.N.D.I.A से हैं.
I.N.D.I.A गठबंधन पर पीएम मोदी बोले, ये I.N.D.I.A गठबंधन नहीं बल्कि घमण्डिया गठबंधन है और इसकी बारात में हर कोई दूल्हा बनना चाहता है, सबको प्रधानमंत्री बनना है. देश के स्वाधीनता सेनानियों ने, हमारे संविधान निर्माताओं ने हमेशा परिवारवादी राजनीति का विरोध किया था. लेकिन ये घमण्डिया गठबंधन देश में परिवारवाद की राजनीति का सबसे बड़ा प्रतिबिंब है. कांग्रेस को परिवारवाद पसंद है, कांग्रेस को दरबारवाद पसंद है. जहां बड़े लोग, उनके बेटे-बेटियां भी बड़े पदों पर काबिज हों. यही उनकी कार्यशैली रही है.
उन्होंने आगे बताया, कभी इनके जन्मदिन पर हवाई जहाज में केक काटे जाते थे. आज उस हवाई जहाज में गरीब के लिए वैक्सीन जाती है. कभी ड्राईक्लीन के लिए कपड़े हवाई जहाज से आते थे, आज देश का गरीब हवाई जहाज में उड़ रहा है. देश के कई हिस्सों में कांग्रेस ने दशकों से जीत दर्ज नहीं की है. तमिलनाडु में कांग्रेस आखिरी बार 1962 में जीती थी. 61 साल से तमिलनाडु की जनता कह रही है, कांग्रेस नो कॉन्फिडेंस. पश्चिम बंगाल में आखिरी बार वे 1972 में जीते थे. 51 साल से पश्चिम बंगाल की जनता कह रही है, कांग्रेस नो कॉन्फिडेंस. यूपी, बिहार और गुजरात में कांग्रेस आखिरी बार 1985 में जीती थी. 38 साल से इन राज्यों की जनता कह रही है, कांग्रेस नो कॉन्फिडेंस.
राहुल गांधी के बयान का जिक्र करते हुए पीएम मोदी बोले, कल यहां दिल से बात करने की बात भी कही गई. उनके दिमाग के हाल को तो देश लंबे समय से जानता है. लेकिन, अब उनके दिल का भी पता चल गया है. ये बर्षों से एक ही failed product को बार-बार लॉन्च करते हैं. हर बार लॉन्चिंग fail हो जाती है.अब उसका नतीजा ये हुआ है कि मतदाताओं के प्रति उनकी नफरत भी सातवें आसमान पर पहुंच गई है. शयराना अंदाज में आगे कहा, डूबने वाले को तिनके का सहारा ही बहुत, दिल बहल जाए फ़क़त इतना इशारा ही बहुत. इतने पर भी आसमान गिरा दे बिजलियां, कोई बता दे जरा ये डूबता फिर क्या करे.
उन्होंने कहा, लोहिया जी की portrait भी संसद में तब लगी, जब 1991 में गैर कांग्रेसी सरकार बनी. नेताजी की portrait 1978 में सेंट्रल हॉल में तब लगी, जब जनता पार्टी की सरकार थी. सरदार पटेल के योगदान को भी कांग्रेस ने हमेशा नकारा. सरदार साहब को समर्पित विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति स्टैच्यू ऑफ यूनिटी प्रतिमा बनाने का भी गौरव हमें प्राप्त हुआ.
मणिपुर हिंसा पर पीएम मोदी ने कहीं ये बड़ी बात-
मणिपुर हिंसा पर पीएम मोदी ने जवाब देते हुए कहा, विपक्ष को राजनीति के सिवाय कुछ नहीं करना है. मैं देश के सभी नागरिकों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि जिस प्रकार से प्रयास चल रहे हैं, निकट भविष्य में शांति का सूरज जरूर उगेगा. मणिपुर फिर एक बार नई आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेगा. मैं देश के सभी नागरिकों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि मणिपुर में जल्द ही शांति कायम होगी. मैं मणिपुर के लोगों, विशेषकर महिलाओं को आश्वस्त करना चाहता हूं कि देश आपके साथ है, संसद आपके साथ है.
उन्होंने आगे बताया, अनेक लोगों ने अपने स्वजन भी खोए, महिलाओं के साथ गंभीर अपराध हुए, ये अपराध अक्षम्य हैं. दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर भरपूर प्रयास कर रही है. अकेले मणिपुर के लिए चर्चा करने हेतु गृहमंत्री ने चिट्ठी लिखी. लेकिन, इनमें (विपक्ष) साहस नहीं था, इरादा नहीं था और पेट में पाप था. दर्द पेट में हो रहा था और फोड़ रहे थे सिर, ये इसी का परिणाम था.
वहीं, उन्होंने बताया कि एक समय था जब मणिपुर में हर व्यवस्था उग्रवादी संगठनों की मर्जी से चलती थी, उस समय सरकार किसकी थी, कांग्रेस की. जब सरकारी दफ्तरों में महात्मा गांधी की फोटो नहीं लगाने दी जाती थी, तब सरकार किसकी थी? जब मरंग में आजाद हिंद फौज के संग्रहालय पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर बम फेंका गया, तब सरकार किसकी थी? जब मणिपुर के स्कूलों में राष्ट्रगान नहीं होने देने का निर्णय लिया जाता था, तब सरकार किसकी थी? अभियान चला कर लाइब्रेरी में रखी किताबों को जलाया जाता था, तब सरकार किसकी थी? जब मणिपुर में मंदिर में शाम चार बजे ताले लग जाते थे, तब सरकार किसकी थी? जब इंफाल के इस्कॉन मंदिर पर बम फेंका गया, तब सरकार किसकी थी?
पीएम मोदी ने कहा, यहां सदन में मां भारती के बारे में जो कहा गया है, उसने हर भारतीय की भावना को गहरी ठेस पहुंचाई है. ये वो लोग हैं जो कभी लोकतंत्र की हत्या की बात करते हैं, कभी संविधान की हत्या की बात करते हैं. 5 मार्च 1966 को कांग्रेस ने वायु सेना के माध्यम से मिज़ोरम की असहाय जनता पर हमला किया. मिज़ोरम आज भी उस भयानक दिन का शोक मनाता है. उन्होंने कभी लोगों को सांत्वना देने की कोशिश नहीं की, कांग्रेस ने इस घटना को देश के लोगों से छुपाया.' तब इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री थीं. हमारी सरकार ने नार्थ-ईस्ट के विकास को पहली प्राथमिकता दी है. पिछले 9 वर्षों में लाखों-करोड़ रुपये पूर्वोत्तर के विकास पर हमने लगाए हैं.
उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, विपक्ष के लोगों को एक रहस्यमयी वरदान मिला हुआ है कि जिसका भी ये लोग बुरा चाहेंगे उसका भला ही होगा. ऐसा ही एक उदाहरण आपके सामने खड़ा है. 20 साल हो गए क्या कुछ नहीं हुआ पर भला ही होता चला गया. सबका साथ, सबका विश्वास केवल शब्द या नारे नहीं हैं. ये हमारे लिए आस्था का प्रतीक हैं. वे हमारे लिए प्रतिबद्धता हैं.
उन्होंने आगे कहा, ये ना तो मानवता के लिए सोच सकते हैं, ना देश के लिए सोच सकते हैं और ना ही देश की कठिनाइयों के बारे में सोच सकते हैं. इनको राजनीति के अलावा कुछ नहीं सूझता. वैसे तो विपक्ष के साथी सदन के नेता को नेता मानने के लिए तैयार नहीं है, लेकिन एक बात के लिए मैं उनकी तारीफ करता हूं. सदन का नेता होने के नाते मैंने 2018 में एक काम दिया था कि 2023 में आप अविश्वास प्रस्ताव लेकर आना. उन्होंने मेरी बात मानी,
विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर पीएम मोदी ने कहा, लेकिन मुझे दुख है कि 5 वर्षों में, उन्हें बेहतर करना चाहिए था, लेकिन कोई तैयारी नहीं थी, कोई रचनात्मकता नहीं थी. मैं आपको 2028 के लिए एक और मौका दूंगा, लेकिन मैं उनसे आग्रह करता हूं कि जब वे 2028 में अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे, तो वे तैयार होकर आएं. बता दें कि लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव गिर गया. सदन की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई हैं.