भोपाल। निजी क्षेत्र के माध्यम से निर्मित सडक़ों पर टोल टैक्स से वसूली की गई राशि को मप्र राजमार्ग निधि में जमा करने के लिये अब बार-बार वित्त विभाग की अनुमति नहीं लेना होगी। इसके लिये लोक निर्माण विभाग ने दस साल पहले बने मप्र राजमार्ग निधि नियम 2012 में बदलाव कर दिया है।

दरअसल मप्र सडक़ विकास निगम द्वारा निर्मित सडक़ों पर टोल टैक्स की वसूली के लिये निजी एजेन्सियां नियुक्त की जाती हैं जो अपना व्यय काटने के बाद निर्धारित राशि सरकारी खजाने में जमा करती है। चूंकि सडक़ विकास निगम अब बीओटी के अलावा अन्य कई योजनाओं के तहत सडक़ें बनवाने लगा है तथा इनसे मिलने वाली राशि को राजमार्ग निधि में जमा करने के लिये बार-बार वित्त विभाग की अनुमति लेनी होती थी, इसलिये नियमों में बदलाव कर अब सभी प्रकार की राशियां जिनमें उपभोक्ता शुल्क संग्रहण, अनुमति तथा अनुज्ञप्ति शुल्क भी शामिल हैं, राजमार्ग निधि में सीधे जमा की जा सकेंगी एवं इसके लिये वित्त विभाग से अनुमति नहीं लेना होगी।