नियमों में परिवर्तन 

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में अग्निपथ का विरोध आम लोगों को भी बहुत भारी साबित हो सकता है। यहां बिना प्लेटफार्म टिकट पकड़े जाने पर लिया जाने वाला जुर्माना बढ़ा दिया गया है। अब इस स्थिति में पूरे 800 रुपये का जुर्माना चुकाना होगा। केंद्र सरकार द्वारा घोषित की गई अग्निपथ योजना का विरोध पूरे देश भर में हो रहा है। इस योजना के विरोध के दौरान रेलवे की संपत्ति को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ऐसे में झांसी मंडल के अफसरों ने प्लेटफार्म टिकट के नियमों में परिवर्तन कर सख्ती की है, ताकि उपद्रवी स्टेशन पर प्रवेश न कर सकें। इसके लिए एक ओर जहा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है वहीं बिना टिकट यात्रियों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। यदि कोई व्यक्ति अब बिना प्लेटफार्म टिकट स्टेशन में प्रवेश करता है, तो उसे 250 रुपए के बजाय 800 रुपये का जुर्माना चुकाना पड़ेगा।

प्रस्तावित अग्निपथ योजना को लेकर हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। आंदोलनकारी सबसे अधिक रेलवे स्टेशन व ट्रेनों को निशाना बना रहे हैं। बीते गुरुवार के बाद से ग्वालियर व आसपास के स्टेशनों पर किसी प्रकार की कोई घटना सामने नहीं आई है, लेकिन अधिकारी सतर्क हैं। में आंदोलन की संभावना को देखते हुए कोई भी संदिग्ध स्टेशन के किसी भी प्लेटफार्म पर नहीं पहुंचे, यह व्यवस्था बनाई जा रही है। इसके लिए झांसी मंडल के मंडल रेल प्रबंधक आशुतोष ने खास निर्देश जारी किए हैं। आरपीएफ-जीआरपी सहित रेल अधिकारियों व कर्मचारियों को कहा गया कि कोई भी व्यक्ति बिना टिकट या प्लेटफार्म टिकट के बिना प्लेटफार्म पर मिले, तो तत्काल उससे 800 रुपये जुर्माना वसूल किया जाए। 

डीआरएम ने जारी निर्देश में यह भी कहा कि स्टेशन पर तैनात टीटीई आमला प्लेटफार्म में अंदर प्रवेश करने वाले हर यात्री का टिकट अनिवार्य रूप से चेक करें। इससे कोई भी उपद्रवी युवा सामान्य यात्री बनकर अंदर नहीं आ सकेगा। स्टेशन के दोनों प्लेटफार्म सहित सर्कुलेटिंग एरिया में एक साथ अधिक लोग खड़े नहीं हों, इस बात का भी ध्यान रखा जाए।