भोपाल: राज्य के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने डाटा पहुंच सेवाओं के अंतर्गत नया प्रावधान किया है। अब शासकीय सडक़ एवं भूमि आदि में अण्डर ग्राउण्ड टेलीकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर डालने पर दूरसंचार कंपनियों से एक हजार रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से शुल्क लिया जायेगा।
यही नहीं, अण्डर ग्राउण्ड केबिल डालने के बाद संबंधित दूरसंचार कंपनी को शासकीय सडक़/भूमि आदि को रीस्टोर यानि पुन: यथास्थिति में लाने हेतु आवश्यक मरम्मत/संधारण हेतु संबंधित निर्माण एजेन्सी के प्रचलित शेड्यूल ऑफ रेट/प्राक्कलन राशि/वास्तविक व्यय राशि का भुगतान संबंधित विभाग को करेगी। इसके लिये इलेक्ट्रानिक विकास निगम राईट ऑफ वे पोर्टल पर आवश्यक प्रावधान किये जायेंगे।
मिलेगी डीम्ड स्वीकृति :
डाटा पहुंच सेवाओं के अंतर्गत यह भी नया प्रावधान किया गया है कि शासकीय/शासकीय प्राधिकरण/स्थानीय निकाय की भूमि/भवन पर दूरसंचार अवसंरचना स्ािापित करने हेतु आवेदक कंपनी द्वारा ऑनलाईन दस हजार रुपये अनुज्ञप्ति शुल्क जमा किया जायेगा तथा 60 दिन के अंदर संबंधित विभाग से सहमति या अनापत्ति नहीं मिलती है, तो पोर्टल के माध्यम से डीम्ड अनुज्ञप्ति जारी की जायेगी। यदि निर्धारित समय में असहमति दी जाती है तो उक्त शुल्क की राशि लौटा दी जायेगी।
इसी प्रकार, यह भी नया प्रावधान किया गया है कि सार्वभौमिक सेवा दायित्व के अंतर्गत शामिल गांवों में दूरसंचार अवसंरचना स्थापित किये जाने हेतु ग्रामीण क्षेत्र के लिये 2100 वर्गफुट तक भूमि हेतु बीएसएनएल द्वारा कोई अनुज्ञप्ति शुल्क देय नहीं होगा।