भोपाल: प्रदेश के सभी एनजीओ-नान गवर्मेन्ट आर्गनाईजेशन्स यानि स्वेच्छिक संगठनों को अब जन अभियान परिषद में अपना पंजीयन कराना होगा। इसके बिना वे अपना काम नहीं कर पायेंगे। राज्य के सामाजिक न्याय विभाग ने इस संबंध में अपने यहां रजिस्टर्ड सभी एनजीओ को निर्देश जारी कर दिये हैं।

दरअसल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा लिये गये निर्णय के परिपेक्ष्य में योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग ने सभी विभाग प्रमुखों एवं जिला कलेक्टरों को आदेश जारी कर कहा है कि मप्र जन अभियान परिषद् को प्रदेश में कार्यरत सभी स्वैच्छिक संगठनों के लिये नोडल एजेन्सी घोषित किया गया है। जन अभियान परिषद्, योजना विभाग के अंतर्गत मप्र सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1973 के अनुरूप गठित होकर वर्ष 1997 से कार्यरत संस्था है। परिषद् की नियमावली अनुसार पंजीकृत स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा बहुउद्देशीय अभिनव परियोजनायें प्रारम्भ करने हेतु शासन के विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय करने का दायित्व है। मुख्यमंत्री ने निर्णय अनुसार मप्र जन अभियान परिषद् को प्रदेश में कार्यरत सभी स्वैच्छिक संगठनों के लिये नोडल एजेन्सी घोषित किया जाता है। मप्र शासन के विभिन्न विभागों के द्वारा संचालित योजनाओं में यदि इन संस्थाओं को सहभागिता करना है तो ऐसे स्वैच्छिक संगठनों को जन अभियान परिषद् में अपना पंजीकरण करना अनिवार्य होगा।

आदेश में कहा गया है कि जन अभियान परिषद द्वारा प्रदेश में स्वैच्छिक संगठनों में आंतरिकत प्रबंधन में पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रणालियों को अपनाने के लिये सहयोग देने हेतु प्रदेश के समस्त जिलों में संगठनों के पंजीकरण एवं अनुश्रवण की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जायेगा। परिषद् द्वारा प्रदेश में स्वैच्छिक संगठनों हेतु सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग करके समेकित एप्लीकेशन सॉफटवेयर संचालित किया जायेगा जिसमें इंटरनेट के माध्यम से संगठनों के ऑनलाईन पंजीकरण हेतु सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी साथ ही वार्षिक प्रतिवेदन भी ऑनलाईन जमा कराने का प्रावधान रखा जायेगा।

गृह विभाग करेगा अलग से निगरानी :

इधर मुख्यमंत्री ने राज्य के गृह विभाग को दायित्व  सौंपा है कि वह विदेशों से अनुदान वाले गैर सरकारी संगठनों की निगरानी सजगता के साथ करे एवं इस संबंध में विनियमन तैयार कर उसे लागू करे।