भोपाल। प्रदेश में बियर बनाने वाली कुल सात फैक्ट्रियां संचालित हैं तथा इन्हें अब दूसरी कंपनियों को लीज पर दिया जा सकेगा। यह नवीन प्रावधान वर्ष 2022-23 के लिये वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा जारी आबकारी व्यवस्था में की गई है।
नवीन प्रावधान में कहा गया है कि प्रदेश में संचालित बियर विनिर्माता इकाइयां अपनी कुल उत्पादन क्षमता का 54 प्रतिशत ही उपयोग कर पा रही हैं। इसलिये अगले वित्त वर्ष 2022-23 से बियर विनिर्माता इकाइयों की अनयूटिलाईज्ड केपेसिटी को किसी पंजीकृत कंपनी जिसका गत वर्ष न्यूनतम टर्न ओवर 5 करोड़ रुपये रहा हो, को लीज पर दिया जा सकेगा।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में बियर विनिर्माता इकाइयां इंदौर, रोजराचक रायसेन, बानमोर मुरैना, नौॅगांव छतरपुर, शाजापुर, मेंडी इंदौर एवं भिण्ड में स्थित हैं।
चार अन्य नये प्रावधान अलग से जारी होंगे :
जारी आबकारी व्यवस्था में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2022-23 से भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर एवं खजुराहो एयरपोर्ट पर विदेशी मदिरा विक्रय हेतु एक काउण्टर खोला जायेगा जबकि चार महानगरों इंदौर, भोपाल, जबलपुर एवं ग्वालियर में चयनित सुपर मार्केट में फिक्स लायसेंस फीस पर वाइन विक्रय के काउंटर संचालित करने के लायसेंस जारी किये जायेंगे और इंदौर एवं भोपाल में माइक्रो ब्रेवरीज की स्थापना करने के लिये ढाई लाख रुपये वार्षिक फीस के साथ लायसेंस दिये जायेंगे तथा होम बार लायसेंस भी दिये जायेंगे, परन्तु इन चारों नये प्रावधानों के लिये विस्तृत शर्तें एवं नियम अलग से जारी होंगे। इसी तरह, महुआ फूल से बनी मदिरा के बारे में कहा गया है कि वर्तमान में तीन जिलों में महुआ आधारित मदिरा की पायलट परियोजना चल रही है तथा इसके परिणाम के आधार पर पूरे प्रदेश में इसे लागू करने की नीति लाई जायेगी। पायलट परियोजना में उत्पादित मदिरा के विक्रय की अनुमति होगी जिस पर कोई आबकारी शुल्क नहीं लिया जायेगा।
टेट्रापेक में मिलेगी देशी शराब :
आबकारी व्यवस्था में अगले वित्त वर्ष से टेट्रापेक में भी देशी शराब बेचने की अनुमति दी गई है तथा 90 मिलीलीटर वाली देशी शराब के विक्रय पर रोक लगा दी गई है।