भोपाल: राज्य सरकार प्रदेश के आमजनों के लिये एक नई सुविधा देने जा रही है जिसके तहत उन्हें सरकारी खर्चे पर घर बैठे डायलिसिस करने की सुविधा मिल सकेगी तथा उन्हें अस्पताल जाने की जरुरत नहीं होगी। दरअसल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में स्थापित मशीनों के द्वारा डायलिसिस सुविधा तो पहले से ही है जिसे हिमो डायलिसिस-एचडी कहा जाता है, लेकिन अब पेरीटोनियल डायलिसिस-पीडी की सुविधा भी आ गई है जिसमें घर बैठे व्यक्ति अपनी डायलिसिस कर सकता है।

उल्लेखनीय है कि डायलिसिस उन लोगों के लिये जरुरी होता है जिनकी किडनी फेल हो गई हैं। चूंकि दूसरी किडनी लगवाना दुष्कर काम है, इसलिये डयालिसिस के जरिये ही व्यक्ति अपना जीवन बचा पाता है। किडनी फेल होने से शरीर में मौजूद द्रव्यों को किडनी फिल्टर नहीं कर पाती है, इसलिये डायलिसिस के जरिये खराब द्रव्य बाहर निकाले जाते हैं।
पेरीटोनियल डायलिसिस में व्यक्ति के पेट में एक नली लगा दी जाती है तथा इसमें तरहलयुक्त मेडिसिन डाली जाती है जो खराब द्रव्यों को शरीर से बाहर करती है। इसके लिये एक किट बनाई गई है जिसमें एक मेडिसिन वाली थैली होती है और दूसरी खाली। खाली थौली में शरीर का खराब द्रव्य लाया जाता है।

भोपाल एवं विदिशा से शुरु होगा पायलट प्रोजेक्ट :

पेरीटोनियल डायलिसिस के लिये भोपाल एवं विदिशा के जिला अस्पतालों से पायलट प्रोजेक्ट शुरु किया जायेगा। इसके लिये सौ रोगियों का परामर्श के जरिये चयन किया जायेगा। इन्हें पेरीटोनियल डायलिसिस के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जायेगा तथा फिर इन्हें अपने घर पर एपयोग करने के लिये किट दिये जायेंगे।

एक किट की कीमत 25 हजार रुपये आती है जिसमें 90 यूनिट होती है। प्रतिदिन तीन बार इस किट की यूनिट का उपयोग कर पेरीटोनियल डायलिसिस घर में ही करना है। यह किट रोगी को नि:शुल्क दी जायेगी। पायलट प्रोजेक्ट के परिणम आने पर इसे प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में लागू किया जायेगा।

स्वास्थ्य संचालनालय भोपाल की अपर संचालक अस्पताल प्रशासन वीणा सिन्हा ने भोपाल एवं विदिशा के सीएमएचओ को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिये हैं।