भोपाल: राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त प्रदेशभर के जिला पंचायत अध्यक्षों को अब राज्य मंत्री की तरह आवास, सुरक्षा जैसी अन्य सुविधाएं प्राप्त होंगी। राज्यमंत्री को मिलने वाली सुविधाओं और प्रोटोकाल का अब पूरा पालन किया जायेगा।

इस आशय की घोषणा प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने गुरूवार को अपने निवास पर जिला पंचायत अध्यक्ष संघ के प्रदेश अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत के नेतृत्व में पहुंचे, प्रदेश के 44 जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि मंडल के समक्ष की।

दरअसल गुरूवार को जिला पंचायत सागर के अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत के नेतृत्व में प्रदेश भर से 44 जिला पंचायत अध्यक्ष अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री निवास पहुंचे थे। जिला पंचायत संघ के प्रदेश अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत ने प्रत्येक मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान को विस्तार से समझाते हुए मांगों के संबंध में अपना पक्ष रखा।

करीब 45 मिनिट तक सभी मांगो को ध्यान से सुनने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने जिला पंचायत अध्यक्षों को राज्य मंत्री के रूप में दिये गए प्रोटोकाल का विधिवत पालन कराने, आवास एवं सुरक्षा प्रदान करने, राष्ट्रीय पर्व के समय जिले में मंत्रीगणों की अनुपस्थिति पर जिला पंचायत अध्यक्ष से ध्वजारोहण कराने की घोषणा की।

अब मानदेय एक लाख मिलेगा-

जिला पंचायत अध्यक्षों को दिये जाने वाले मानदेय एवं भत्ते में वृद्वि कर 1 लाख रूपये किये जाने, जिला पंचायत से स्वीकृत होने वाले सभी निर्माण कार्यो में जिला पंचायत अध्यक्षों से अनुमोदन लिये जाने एवं सांसद एवं विधायकों की भांति जिला पंचायत अध्यक्षों को शासन की तरफ से परिचय पत्र जारी करने की मांग को तुरंत स्वीकार कर अमल करने की घोषणा की।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि जिला पंचायत अध्यक्षों की अन्य मांगों पर अधिकारियों का दल बनाकर परीक्षण उपरांत जल्द लागू करेंगे।

अन्य प्रमुख मांगें:-

* पूर्व वर्षो की भांति जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की गोपनीय चरित्रावली पर मतांकन के अधिकार दिये जायें।
* जिला पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न विभागों में पदस्थ तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के स्थानांतरण के पूर्व अनुमोदन के अधिकार प्रदत्त किये जावें।
* जिला पंचायत अध्यक्षों का मानदेय एवं वाहन भत्ता डीजल सहित वृद्वि की जाकर राशि रूपये 1 लाख की जाये।
* जिला पंचायत अध्यक्षों को स्वेच्छा विकास निधि 25 लाख रूपये प्रति विधानसभा क्षेत्र के मान से प्रदाय की जावे।
* राष्ट्रीय पर्व के समय जिन जिलों में मंत्रीगण नहीं पहुंच पाते हैं वहां जिला पंचायत अध्यक्षों से ध्वजारोहण कराया जावे।
* जिला पंचायत अध्यक्षों को जिला योजना समिति में पदेन सदस्य घोषित किया जाये।
* जिले में गौण खनिज की राशि से स्वीकृत होने वाले विकास कार्यो की समिति में जिला पंचायत अध्यक्ष को शामिल किया जावे।