भोपाल: राज्य के वन विभाग के अंतर्गत गठित इको टूरिज्म बोर्ड के प्रदेशभर में कुल 291 ईको टूरिज्म स्थल हैं जिनमें अब शराब भी परोसी जायेगी। दरअसल आबकारी विभाग ने वर्तमान वित्तीय वर्ष से एक नया पर्यटन बार लायसेंस का प्रावधान किया है जिसमें ईको टूरिज्म बोर्ड की ईकाईयों को मात्र 50 हजार रुपये वार्षिक फीस पर यह लायसेंस प्रदान किया जायेगा। यह लायसेंस पर्यटकों के ठहरने के लिये बनाई गई अस्थाई संरचनाओं जैसे टेन्ट के लिये भी मिल सकेगा। इससे इन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में तेजी से इजाफा होगा।
उल्लेखनीय है कि ईको पर्यटन बोर्ड के अंतर्गत वन सर्किल क्षेत्रों में कुल 291 डेस्टीनेशन हैं। इनमें मनोरंजन क्षेत्र 127, वन्य प्राणी अनुभव क्षेत्र 14, बफर एरिया डेस्टीनेशन 33, संरक्षित एरिया डेस्टीनेशन 47, अन्य एरिया डेस्टीनेशन 49 तथा पीपीपी मोड वाला देवास का अर्निका ईको पार्क शामिल है।
तीन स्थानों पर बनेंगे ग्लास के स्काई वॉक :
ईको टूरिज्म बोर्ड सतना में रामपुर टेम्पल, इंदौर के टिंचा फॉल तथा भोपाल के वन विहार में स्काई वॉक-ग्लास बॉटम सस्पेंशन ब्रिज भी बनाने जा रहा है। इसके अलावा, रायसेन के सतधारा, सतना के नकटीगढ़ मुकुन्दपुर एवं विदिशा के उदयगिरी में स्काई नेट वॉक-केनोपी ब्रिज भी बनायेगा। इसी प्रकार वह वन क्षेत्रों में अपने स्थलों पर बांस और कंटेनर वाले घर भी बनाने जा रहा है जिसके लिये उसने एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट जारी किये हैं।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि ईको टूरिज्म स्थलों पर पर्यटकों के रहवास हेतु आउटसोर्स एजेन्सियों को काम दिया गया है तथा ये एजेन्सियां ही नई आबकारी व्प्यवस्था के अंतर्गत शराब परोसने के लायसेंस बोर्ड की अनुमति से लेंगी।