भोपाल: प्रदेश में अधिसूचित कृषि उपजों के प्रसंस्करण के लिये स्थापित खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को मंडी फीस से छूट अब राज्य मंडी बोर्ड के एमडी नहीं दे पायेंगे। उनसे यह अधिकार वापस ले लिया गया है तथा ऐसी छूट अब सिर्फ राज्य सरकार ही देगी। चार साल पहले यह अधिकार मंडी बोर्ड के एमडी को दिया गया था जो अब वापस हो गया है।

उल्लेखनीय है कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को प्लांट एवं मशीनरी में निवेश के अधिकतम 50 प्रतिशत रकम के समतुल्य या पांच वर्ष तक मंडी फीस से छूट देने का प्रावधान है। पहले यह छूट मंडी बोर्ड के एमडी देते थे परन्तु अब राज्य सरकार यह छूट देगी। मंडी फीस से छूट के लिये खाद्य प्रसंस्करण इकाई को उत्पादन प्रारंभ होने पर उद्योग विभाग से प्रमाण-पत्र लेना होगा तथा उत्पादन प्रारंभ होने के 120 दिन के अंदर मंडी बोर्ड के एमडी को आवेदन करना होगा। एमडी आवेदन का परीक्षण कर इसकी स्वीकृति हेतु प्रस्ताव राज्य सरकार के पास भेजेंगे।