भोपाल: भोपाल से 20 किलोमीटर दूर इछावर तहसील के खामखेड़ा गांव से लगे जंगलों में पेड़ों की कटाई और आगजनी का सिलसिला शुरू हो गया है. बताते हैं कि राजधानी के रसूखदारों की वक्र दृष्टि खामखेड़ा गांव से लगी वन भूमि पर पड़ गई है.

बुरहानपुर की तर्ज पर अतिक्रमण माफिया जंगलों की कटाई कर उसे जला रहे हैं. दिलचस्प पहलू है कि इतनी बड़ी घटना को लेकर सीहोर डीएफओ और एसडीओ दोनों बेखबर है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भोपाल सर्किल सीहोर वन मंडल में नए डीएफओ एमएस डाबर की पदस्थापना होने के बाद से ही रसूखदार अतिक्रमण माफिया सक्रिय हो गए हैं.

इछावर और आष्टा के आसपास के जंगलों में इमारती लकड़ियों की कटाई कर उनके ठूंठ जलाए जा रहे हैं. इसके बाद कब्जे की मुहिम शुरू करने की तैयारी है. रविवार को पेड़ों की कटाई कर उनके ठूंठ जलाने के वीडियो वायरल होने लगे हैं.

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गौरतलब यह है कि वन विभाग के अफसरों खासकर यह डीएफओ और एसडीओ को इसकी जानकारी तक नहीं है. इस संवाददाता ने जब उन्हें वीडियो भेज कर कटाई के बारे में उनका पक्ष जानना चाहा तो उनका जवाब भी बड़ा गैर जिम्मेदाराना लगा.

डीएफओ सीहोर एमएस डाबर का जवाब था कि हमें इसकी जानकारी नहीं है मैं कल दिखावाता हूं. डीएफओ को रात्रि कालीन पेट्रोलिंग से परहेज है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का इलाका होने के बावजूद भी सीहोर वन मंडल का स्टाफ सुषुप्त है.

राजेश खरे, मुख्य वन संरक्षक भोपाल का कहना है कि भोपाल से फ्लाइंग स्कॉट भेजकर जांच करवाएंगे. यदि स्टाफ की लापरवाही उजागर होती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी.