भोपाल, 

इसके निर्माण पर 40 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं, लेकिन यह 4 महीने में ही जवाब देने लगी है। आलम यह है कि अब इस सड़क की परतें जगह-जगह से उखड़ने लगी और कुछ जगह पर धंस भी गई है। इससे हादसे भी हो सकते हैं। ज्ञात हो कि भदभदा चौराहे से नीलबड़ तक करीब पांच किमी सड़क फोरलेन में तब्दील की गई है। इसके ऊपर से ट्रैफिक गुजर रहा है। वहीं, सेंटर लाइटिंग, बड़ा तालाब किनारे दीवार और डिवाइडर बनाने का काम जारी है। प्रोजेक्ट पूरा होने से पहले ही सड़क जर्जर होने लगी है। बताया जाता है कि साक्षी ढाबे के पास सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया है। इसके ऊपर से जब गाड़ियां गुजरती है तो झटका लेती है नीलबड़ की शुरुआत में सड़क का लेवल ऊपर-नीचे है। इससे स्पीड में आने वाली गाड़ियां

बेकाबू होने का डर होता है।

दरअसल भदभदा से रातीबड़ के बीच की जर्जर सड़क के कारण राहगीरों को खासी परेशानी होती थी। खासकर, बारिश के दिनों में सड़क पूरी तरह से उखड़ जाती थी। वहीं, इसके बाद सड़क की चौड़ाई कम होने से दुर्घटना होने का डर भी बना रहता था। इसलिए नीलबड़ तक सड़क फोरलेन में तब्दील की गई। वहीं, नीलबड़ से बड़झीरी तक 8 किमी सड़क को भी फोरलेन में बदला जाएगा। इस पर 70 करोड़ रुपए खर्च होंगे, लेकिन इससे पहले ही सड़क की स्थिति बिगड़ने लगी है। लोक निर्माण विभाग के अफसरों का कहना है कि यह सड़क ठेकेदार ने अभी सड़क हैंडओवर नहीं की है।