भोपाल: राज्य सरकार ने श्रम विभाग के अंतर्गत गठित मप्र भवन एवं संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत श्रमिकों के लिये वर्ष 2004 में विवाह सहायता योजना प्रारंभ की थी जिसमें पंजीबध्द महिला श्रमिक के विवाह/एक बार पुनर्विवाह एवं पंजीबध्द श्रमिक की दो पुत्रियों की सीमा तक 51 हजार रुपये प्रति विवाह अनुदान दिया जा रहा था।

इसके अलावा न्यूनतम पांच महिला श्रमिकों के सामूहिक विवाह के आयोजन की दशा में 49 हजार रुपये एवं 2 हजार रुपये सामूहिक विवाह के आयोजक को दी जा रही थी। लेकिन अब इस योजना में बदलाव कर दिया गया है।

नये बदलाव के अनुसार, अब पंजीकृत श्रमिकों को सामाजिक न्याय विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होने पर ही सहायता राशि दी जायेगी। इस राशि का भुगतान कर्मकार कल्याण मंडल सीधे सामाजिक न्याय विभाग को करेगा जो सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होने वाले पंजीकृत श्रमिकों के खाते में सहायता राशि डालेगा। कन्यादान योजना के तहत विवाह न कर अन्य किसी भी प्रकार से विवाह करने पर कर्मकार कल्याण मंडल सहायता राशि नहीं देगा।

मृत्यु पर अनुग्रह राशि अब 90 दिन में मिलेगी :

मप्र भवन एवं संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा लोक सेवा गारंटी के तहत पंजीबध्द श्रमिकों की मृ़त्यु पर एक लाख रुपये तक की अनुग्रह राशि का भुगतान ग्रामीण क्षेत्र में सीईओ जनपद पंचायत एवं शहरी क्षेत्र में आयुक्त ननि या सीएमओ नगरीय निकाय के माध्यम से 30 कार्य दिवस में कर रहा था। परन्तु अब यह अवधि बढ़ाकर 90 दिन कर दी गई है।