डेढ़ सौ से अधिक प्रशिक्षणार्थियों ने कत्थक नृत्य की बारीकियों को सीखा

नृत्याभिषेक उच्च स्तरीय कथक नृत्य कार्यशाला गत दिवस लोकमान्य तिलक विद्यालय परिसर स्थित राजाभाऊ महाकाल सभागृह उज्जैन में संपन्न हुई। पांच दिवसीय इस कार्यशाला में डेढ़ सौ से अधिक प्रशिक्षणार्थियों ने रायगढ़ घराने की बारीकियों को सीखा। संस्कार भारती ओर उस्ताद अलाउद्दीन खान संगीत एवं कला अकादमी भोपाल तथा मालवा सांस्कृतिक परिषद के सहयोग से यह कार्यशाला रखी गई।

कार्यशाला में रायगढ़ घराने के वरिष्ठ गुरु एवं नृत्य शिरोमणि पंडित रामलाल जी व उनके पुत्र भूपेंद्र बरेठ जी ने प्रशिक्षक के रूप में प्रतिभागियों को मार्गदर्शन दिया । कार्यशाला में दिल्ली, मुंबई ,रतलाम, हरियाणा ,भोपाल, जबलपुर, देवास, इन्दौर, उज्जैन ही नहीं बल्कि विदेशों से भी प्रतिभागियों ने रायगढ़ घराने की बारीकियों को सीखा। अतिथियों द्वारा पंडित श्री रामलाल को संस्कार कला सम्मान से सम्मानित किया गया।

कार्यशाला में भोपाल की कु प्रियंवदा मित्तल एवं अन्य प्रतिभागियों द्वारा कत्थक की अलग-अलग समूहों में प्रस्तुति दी गई। कु. नित्या ने शिव वंदना प्रस्तुत दी। दिल्ली के श्री आलोक श्रीवास, उज्जैन की कु.मान्या गढ़वाल, इन्दौर की कु संध्या पंडित ने अपने अनुभवों को साझा किया।

समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में  उस्ताद अलाउद्दीन खान संगीत एवं कला अकादमी के निदेशक श्री जयंत भिसे, नगर निगम उज्जैन के महापौर श्री मुकेश टटवाल, मालवा सांस्कृतिक परिषद के अध्यक्ष श्री श्रीपाद जोशी, वरिष्ठ समाजसेवी श्री वीरेन्द्र कावड़िया, श्री संजय शर्मा, श्रीमती प्रज्ञा गढ़वाल, श्री गोपाल महाकाल, श्रीमती सुरभि पाराशर, वरिष्ठ नृत्यगुरु श्रीमती पूनम व्यास, प्रांत नृत्य विधा संयोजक श्रीमती सुमित्रा हरमलकर आदि उपस्थित थे। सम्मान पत्र का वाचन श्रीमती रितु शुक्ला ने किया। संगतकारों श्री कुलदीप दुबे, श्री शरद सूर्यवंशी को परिषद द्वारा सम्मानित किया गया। आभार श्री प्रफुल्ल गेहलोत ने प्रकट किया।कार्संचालन श्री सुदर्शन अयाचित के द्वारा किया गया।