अभी भी कुल खरीदी जाने वाली बिजली में से 30 से 40 प्रतिशत बिजली चोरी हो जाती है..!
इसका असर उपभोक्ताओं पर तो पड़ता ही है, अप्रत्यक्ष रूप से उन्हें ही इसकी भरपाई भी करनी पड़ती है। बिजली चोरी न हो, इसके लिए सरकार बिजली कंपनियों से नए सिरे से मेहनत करवाने जा रही है। यह मेहनत कितनी सफल होगी, यह कहना मुश्किल है क्योंकि बारिश के दो माह बचे हुए हैं इन दो माह में इस सीजन में अंडरग्राउंड बिजली व्यवस्था को लेकर कोई काम नहीं होना है आने वाले चार महीने बारिश के होंगे। तब भी कोई काम नहीं होंगे।
प्रदेश में विद्युत की मांग और आपूर्ति के संबंध में चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री @ChouhanShivraj ने कहा कि नागरिकों के लिए बिना बाधा के विद्युत आपूर्ति मिलती रहे। पारम्परिक ऊर्जा उत्पादन के साथ ही नवकरणीय ऊर्जा के साधनों का भी उपयोग किया जाए। https://t.co/mxPBW0zC96 pic.twitter.com/MayJIfPDJB
— CMO Madhya Pradesh (@CMMadhyaPradesh) April 25, 2022
बिजली पर पहले ही पानी की तरह सरकार रुपये बहा चुकी है तब भी बिजली चोरी नहीं रुकी है। अब निजी कंपनियों की प्लानिंग के भरोसे बिजली चोरी रोकने की कवायद तेज हो गई है। ये निजी कंपनियां, उपभोक्ताओं पर बोझ बननी तय है।
हाल ही में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बिजली कंपनियों के कामकाज की समीक्षा की है। उसमें रिवेण्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत किए जाने वाले कामों पर जोर दिया है। इसमें बिजली चोरी रोकने के काम भी शामिल है। यह केंद्र सरकार की योजना है जिसमें मप्र में गड़बड़ी होती रही है।
मुख्यमंत्री से @ChouhanShivraj ने मंत्रालय में हुई बैठक में पर्याप्त विद्युत आपूर्ति के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की।
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बैठक में ऊर्जा मंत्री श्री @PradhumanGwl भी उपस्थित थे। pic.twitter.com/Mm2nFD3PTz
बेस्ट प्रेक्टिसेस का अध्ययन करवाएं
इसके अलावा उर्जा मंत्री ने कहा है कि सभी स्तर के अधिकारी बिजली उपभोक्ताओं से नियमित रूप से संवाद करें। उन्होंने कहा कि सतत संवाद से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर सुधार किये जा सकते हैं। इसकी समीक्षा भी की जाए। समिति गठित कर गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना में बिजली के क्षेत्र में किये गये बेस्ट प्रैक्टिसेज का अध्ययन करवाए जाएं और समिति समय-सीमा में प्रतिवेदन प्रस्तुत करें ताकि उस आधार पर सुधार किया जा सके।
यह भी करने का दावा
अधिकारियों को 31 मई प्रमाण पत्र देने तक देने होंगे होंगे कि किसी भी एक घर में बिजली मीटर प्रमाण-पत्र के दो कनेक्शन नहीं है।
पुरस्कार दें, कार्रवाई भी करें
सुधार कार्यों के बावजूद बिजली ट्रिपिंग होने पर अधिकारियों को कार्रवाई के दायरे में लिया जाएगा। अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को पुरस्कार भी मिलेगा। व्यवस्थाओं की समीक्षा के आधार पर यह तय होगा।
प्रमाण पत्र देने घर आएंगे अधिकारी
बिजली बिल माफी योजना के प्रमाण पत्र देने के लिए बिजली कंपनी के अधिकारियों को उपभोक्ताओं के घर तक जाना होगा। यह बात उर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कही है। उन्होंने कहा कि पात्र उपभोक्ताओं को समय से प्रमाण पत्र मिल जाने चाहिए।