भोपाल: प्रदेश के दो प्रसिध्द धार्मिक स्थल ओकारेश्वर एवं महाकाल मंदिर, काशी की तरह विश्वस्तरीय बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग ने इस पर कार्यवाही शुरु कर दी है।
दरअसल सीएम ने निर्देश दिये हैं कि ओंकारेश्वर एवं महाकाल मंदिर परियोजना को धार्मिक एवं अध्यात्म जगत के अध्येताओं एवं विषय विशेषज्ञों से परामर्श/सुझाव लेकर एवं संस्कृति, पर्यटन, लोक निर्माण विभाग आदि के अधिकारीयों के साथ समन्वय करते हुए काशी की तर्ज पर विश्व स्तरीय रूप से विकसित किया जाए।

इस पर धार्मिक न्यास विभाग ने कार्यवाही करते हुये संबंधित विभाग को अपनी कार्ययोजना भेज दी है। उज्जैन के महाकाल मंदिर के अंदर तो कोई विशेष निर्माण कार्य नहीं कराये जायेंगे, परन्तु इस मंदिर के बाहर श्रृध्दालुओं के आवागमन एवं अन्य सुविधायें के लिये विभिन्न निर्माण कार्य कराये जायेंगे। इस पर करीब सात सौ करोड़ रुपये व्यय किये जाने हैं जिस पर चरणबध्द ढंग से कार्य किया जायेगा जिसकी मानीटरिंग स्वयं धार्मिक न्यास विभाग करेगा। ओंकारेश्वर में आचार्य शंकर की विशाल धातु प्रतिमा लगाई जा रही है तथा इसके पास आश्रम भी बनाये जायेंगे।

ये कार्य भी होंगे :

धार्मिक न्यास विभाग से कहा गया है कि वह वैदिक जीवन पद्धति पर शोध हेतु विषय विशेषज्ञों की राय लेकर इस संबंध में एकरूपरेखा तैयार करे। निर्माण एजेन्सियों द्वारा कराये जा रहे मंदिर जीर्णोद्धार कार्यों में मंदिर की वास्तविक बनावट को अक्षुण्ण रखने के उद्देश्य से ख्यात विषय विशेषज्ञों, वास्तुविदों की सेवायें /परामर्श लिया जाये। देवस्थानों के जीर्णोद्धार के लम्बित प्रस्तावों का विश्लेषण कर तदनुसार पर्याप्त बजट प्रावधान कराया जाए।

धर्मशाला निर्माण में जन-भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाये। संचालन एवं रख रखाव हेतु स्थानीय निकाय, धार्मिक एवं स्वयं सेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जाए। कोविड की स्थितियाँ सामान्य होने पर मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का संचालन पुन: प्रारंभ किया जाना है। इस उद्देश्य से आवश्यक तैयारी रखी जाये। साथ ही नवीन तीर्थों को पृथक से जोड़े जाने संबंधी कार्यवाही भी यथासमय की जाये। आवश्यकता होने पर तीर्थ एवं मेला विकास प्राधिकरण द्वारा अनुदान उपलब्ध कराया जाये।

विभागीय अधिकारी ने बताया कि सीएम के निर्देश पर ओकारेश्वर एवं महाकल मंदिर को काशी की तरह विश्व स्तरीय बनाने की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है तथा इसे चरणबध्द ढंग से किया जायेगा और विभाग इसकी निगरानी भी करेगा।