भोपाल: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने रीवा के राजनिवास सर्किट हाउस में सत्ताधीशों की शह प्राप्त तथाकथित बाबा सीताराम दास द्वारा दुष्कर्म किए जाने की घटना को बेहद शर्मनाक बताया है. उन्होंने कहा कि सरकारी सुविधाओं के तले बाबा के कृत्य से विंध्य भूमि शर्मसार हुई है. उस पर धर्म की आड़ में कलंक लग गया है. भले ही सीएम शिवराज के रुख के कारण सीताराम दास को गिरफ्तार कर लिया गया हो, लेकिन भाजपा नेताओं और सरकारी अधिकारियों के साथ उसके रिश्ते जो सोशल मीडिया पर वाइरल हो रहे हैं, उनका जवाब कौन देगा.

पूर्व मंत्री अजयसिंह ने कहा कि अव्वल तो यह सार्वजनिक किया जाये कि जिला प्रशासन द्वारा सत्ता में बैठे किस उच्च स्तरीय व्यक्ति के इशारे पर बाबा को सर्किट हाउस में कमरा आवंटित किया गया?  सीएम ने जांच के आदेश तो दे दिये हैं. लेकिन बाबा के बड़े सत्ताधीशों से संबंधों के चलते जांच के पहले ही उसकी निष्पक्षता पर संदेह के बादल घिर गए हैं. यदि सरकार वाकई जांच चाहती है तो फिर किसी गैर भाजपा राज्य के पुलिस और न्यायिक अधिकारियों से जांच कराई जाये.

अभियोजन फास्ट ट्रेक में चलाएं :

पूर्व नेता प्रतिपक्ष सिंह ने कहा कि भाजपा धर्म की आड़ में लोगों को भ्रमित करती है. लोगों को बांटने और वैमनस्य फैलाने का काम करती है. इसी के चलते सीताराम जैसे व्याभिचारी बाबा पलते हैं और एक व्यक्ति के कृत्य से पूरे संत समाज की छवि धूमिल होती है. अच्छे लोगों के प्रति भी जनता का विश्वास कम होता है. उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से व्यक्तिगत रुचि लेकर पूरी निडरता के साथ निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि दूध का दूध और पानी पानी को सके और सत्य जनता के सामने आ सके. साथ ही उन्होंने बाबा के खिलाफ अभियोजन फास्ट ट्रेक कोर्ट में चलाये जाने की मांग भी की है.