भोपाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बाघ जनगणना के ताजा आंकड़े जारी किए. पिछली जनगणना 2018 में हुई थी और तब देशभर में 2,967 बाघ थे. अबकी बार इस संख्या में इजाफा होकर देश में बाघों की संख्या 3167 तक पहुंच गई है. यानी 5 साल में देशभर में सिर्फ 200 टाइगर की संख्या में वृद्धि हुई है.

अब भी मप्र में सबसे अधिक टाइगर हैं. इस वृद्धि संख्या को लेकर वन्य प्राणी विशेषज्ञ संतुष्ट नहीं है. मानते हैं कि कहीं न कहीं प्रबंधन और कंजर्वेशन में चूक हुई है. विशेषज्ञों की राय है कि पॉलिसी और विजन में परिवर्तन करने की जरूरत है. इस बार लैंडस्केप के आधार पर टाइगर गणना के रिजल्ट प्रकाशित किए गए हैं.
कर्नाटक के मैसूर में एक भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में बाघों की संख्या में इजाफा हुआ है. यह संख्या 2967 से बढ़कर 3167 हो गई है. पीएम मोदी ने कहा हमारे यहां प्रकृति संरक्षण संस्कृति का हिस्सा है. उन्होंने आगे कहा भारत ने न केवल बाघों को बचाया, बल्कि उनके लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र भी तैयार किया है.
बाघों का बढ़ा हुआ आंकड़ा गौरव का पल है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत में टाइगर को न सिर्फ बचाया बल्कि उसको फलने-फूलने का बेहतरीन इकोसिस्टम दिया. यह हम लोगों के लिए और भी सुखद है कि जिस समय हमने अपनी आजादी के 75 वर्ष पूरे किए हैं उसी समय दुनिया की करीब-करीब 75 परसेंट टाइगर पापुलेशन भारत में ही है.
टाइगर की वृद्धि गले नहीं उतर रही-
वन्य प्राणी विशेषज्ञों को 5 साल में 200 टाइगर की वृद्धि का आंकड़ा गले नहीं उतर रही है. एपीसीसीएफ पद से रिटायर हुए आरजी सोनी का कहना है कि इससे तो यही आभास होता है कि कंजर्वेशन और प्रबंधन पुअर रहा है. पॉलिसी और विजन में परिवर्तन की जरूरत है.
उनकी इस बात में दम इसलिए भी है कि वन मंत्री विजय शाह ने अकेले मप्र में 150 से 200 टाइगर बढ़ने तक का दावा किया है. सोनी यह भी कहते हैं कि मध्य प्रदेश कर्नाटक और महाराष्ट्र को छोड़कर कई राज्यों के टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या कम हुई है.
यानी पलामू, इंद्रावती सत्कोसिया जैसे टाइगर रिजर्व में टाइगर की संख्या 0 हो गई है. मध्य प्रदेश के एक और एपीसीसीए वन्य प्राणी पद से रिटायर हुए अधिकारी का कहना है कि विकास के नाम पर जंगलों का विनाश हो रहा है. ऐसी परिस्थितियों में संख्या तो कम होगी.
टाइगर सेंसस बुक के मुखपृष्ठ पर कान्हा का बाघ-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बाघ गणना के रिजल्ट घोषित किए. बाघ गणना की रिपोर्ट बुक में टाइगर स्टेट मध्य प्रदेश के कान्हा नेशनल पार्क के बाघ तस्वीर मुखपृष्ठ पर प्रकाशित की गई. मध्यप्रदेश के लिए यह गौरव की बात है. पीएम मोदी द्वारा विमोचित किताब 'टाइगर' के मुख्य पृष्ठ पर कान्हा नेशनल पार्क के टाइगर नीलम की तस्वीर प्रकाशित की गई है.
कान्हा का नीलम मुखपृष्ठ पर छाया-
बुक के भीतरी पन्ने में भी कान्हा टाइगर की तस्वीरें प्रकाशित हुई है. ये सभी तस्वीरें कान्हा नेशनल पार्क में संचालक रहे अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजय शुक्ला ने खींची है. वर्तमान में एपीसीसीएफ शुक्ला प्रतिनियुक्ति पर सेंट्रल जू अथॉरिटी में पदस्थ है.
सेंट्रल जू अथॉरिटी में पदस्थ एपीसीसीएफ संजय शुक्ला द्वारा क्लिक की गई टाइगर नीलम की तस्वीर मुखपृष्ठ पर-
क्या है इनका कहना-
आरके गुप्ता वन बल प्रमुख मप्र का कहना हैं कि कुल आंकड़ा अभी आना बाकी है. यह केवल कैमरा ट्रैप और कैमरा ट्रैप क्षेत्र है. शेष क्षेत्र का अभी विश्लेषण किया जाना है और आंकड़े जोड़े जाने हैं. 2018 का आंकड़ा पूर्ण है. इसलिए अभी तुलना नहीं की जा सकती.