Manipur News: मणिपुर में भीषण हिंसा भड़के हुए लगभग 6 महीने का समय बीत चुका हैं. हालांकि, अब तक राज्य में लूटे गए हथियारों में से सिर्फ 25 प्रतिशत ही बरामद किए जा सके. वहीं, अवैध शराब की बात करें तो महज 5 फीसदी ही बरामद हो पाई है. सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है.
सीएम ने की कार्रवाई की बात-
रिपोर्ट के अनुसार, लूटे गए 5,600 हथियारों में से लगभग 1,500 बरामद कर लिए गए हैं और लापता 6.5 लाख राउंड गोला-बारूद में से पुलिस ने लगभग 20,000 अब तक बरामद किये हैं. इसी महीने की 25 अक्टूबर को Assam Rifles ने मणिपुर के थौबल जिले में बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और अन्य युद्ध जैसे भंडार बरामद किए.
यह रिपोर्ट तब सामने आई जब राज्य के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह आये दिन बार-बार अवैध हथियारों के साथ पकड़े जाने वाले आरोपियों पर कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं. मणिपुर में अब तक चेकिंग के दौरान कई जगहों से अवैध हथियार बरामद हुए हैं.
तीन जिलों में 80 फीसदी हथियार लूटे गये-
मई की शुरुआत में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच भड़की हिंसा के बाद मणिपुर सरकार ने सितंबर में पुलिस और राज्य हथियार भंडारण से चुराए गए हथियारों समेत गोला-बारूद की बरामदगी पर एक रिपोर्ट जारी की. जिसमें चौंकाने वाली जानकारी सामने आई कि लगभग 80% हथियार सिर्फ तीन जिलों इंफाल ईस्ट, चुराचांदपुर और विष्णुपुर के हथियार भंडार से चोरी हुए थे.
राज्य में कैसे हैं हालात?
हथियारों की सबसे ज्यादा लूट पूर्वी इंफाल में हुई. यहां जब मई में हिंसा चरम पर थी जब बड़ी मात्रा में हथियार लूट लिए गए थे. कुछ घटनाओं को छोड़ दें तो मई के बाद से यहां लूट की कोई घटना नहीं हुई है. अब सरकार ने सभी हथियारों के भंडारण की सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ को तैनात कर दिया है.