भोपाल: प्रदेश के चार जिले टीकमगढ़, अशोकनगर, सीधी एवं सिंगरौली ही वन्य प्राणी नील गाय जिसे रोजड़ा भी कहा जाता है, से प्रभावित हैं। इन जिलों में पिछले एक साल में नील गायों द्वारा किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाने पर राज्य सरकार ने करीब 26 लाख रुपये का मुआवजा बांटा है। नील गायों ने फसलों की सर्वाधिक क्षति सिंगरौली जिले में की है जिस पर राज्य सरकार को वहां 60 किसानों को 13 लाख 69 हजार 92 रुपये मुआवजा देना पड़ा है।

वन विभाग से प्राप्त अधिकृत जानकारी के अनुसार, सीधी जिले में नील गायों ने 51 किसानों की फसल को हानि पहुंचाई जिस पर राज्य सरकार को वहां 11 लाख 22 हजार 676 रुपयों का हर्जाना देना पड़ा है। शेष दो जिलों के अंतर्गत नील गाय ने टीकमगढ़ में दो किसानों की फसल को क्षति पहुंचाई जिस पर उन्हेंं 25 हजार रुपये तथा अशोकनगर में तीन किसानों की खेती को नुकसान पहुंचाने पर कुल 73 हजार 970 रुपये का मुआवजा दिया गया।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने फसलों को हानि पहुंचाने पर नील गायों को मारने का भी अधिकार दे रखा है तथा इसके लिये संबंधित एसडीएम से मारने की अनुमति लेना होती है। लेकिन किसी भी किसान ने इसकी अनुमति नहीं ली है तथा फसला की हानि पर सिर्फ मुआवजा लेकर संतोष किया है।