उपद्रवियों ने 30 से ज्यादा दुकानों और मकानों में आग लगा दी। रात करीब 9 बजे मामला कुछ शांत हुआ, लेकिन देर रात 12 बजे फिर हिंसा भड़क गई। आनंद नगर, संजय नगर मोतीपुरा में घर फूंक दिए गए। कुछ घरों में लूटपाट भी की गई। इससे 70 से अधिक परिवारों को घर छोड़कर दूसरी जगह जाना पड़ा।

इस घटना में 10 पुलिसकर्मी और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। SP सिद्धार्थ चौधरी के बाएं पैर में गोली लगी है। वहीं, पुलिस ने सोमवार सुबह तक 70 उपद्रवियों को हिरासत में लिया है। पुलिस-प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। इधर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घटना का दुर्भाग्यपूर्ण कहा है। CM ने कहा- किसी दंगाई को नहीं छोड़ेंगे। उन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। दंगाई चिह्नित कर लिए गए हैं। जिन्होंने पत्थर चलाए, संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, उनसे सार्वजनिक या निजी संपत्ति के नुकसान की वसूली भी करेंगे।

खरगोन मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के निर्देश पर पाँच लोगों की समिति गठित।

समिति मौके पर जाकर जांच कर रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी।

नरेन्द्र सलूजा 

मीडिया समन्वयक

जिन घरों से पथराव हुआ है, उन्हें ही पत्थर का ढेर बनाएंगे- गृह मंत्री

इस घटना पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने खरगोन कहा है कि जिन घरों से पथराव हुआ है, उन्हें ही पत्थर का ढेर बनाएंगे। उन्होंने बताया कि अब खरगोन में शांति है। पर्याप्त पुलिस बल वहां मौजूद है। माना जा रहा है कि रामनवमी पर उपद्रव अचानक नहीं हुआ। पहले से इसकी तैयारी की गई थी। उपद्रवियों ने घरों की छतों पर पत्थर और पेट्रोल बम जमा कर रखे थे।

गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने वीडियो कॉल करके खरगोन एसपी सिद्धार्थ चौधरी का हाल जाना, रामनवमी पर हिंसा के दौरान एसपी को पैर में गोली लगी थी|