भोपाल। राज्य सरकार ने जेलों में बंदियों की ओवर क्राउडिंग रोकने के लिये नरसिंहपुर में ओपन जेल खोल दी है। इसे बनाने में 2 करोड़ 27 लाख 50 हजार रुपये व्यय किया गया है। यह प्रदेश की सातवीं ओपन जेल बन गई है। इससे पहले होशंगाबाद, इंदौर, सतना, सागर, जबलपुर एवं भोपाल में ओपन जेल खोली जा चुकी हैं। आगे तीन और नई ओपन जेलें बनाई जायेंगी।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में जेलों की कुल संख्या 131 है जिनकी क्षमता 29 हजार 571 कैदियों को रखने की है लेकिन इस समय कुल 48 हजार 513 कैदी इनमें बंद हैं जोकि क्षमता से 18 हजार 942 कैदी अधिक है। यानि इन जेलों में 64.06 प्रतिशत ओवर क्राउड कैदी हैं। इस ओवर क्राउड को रोकने, बंदियों को सामाजिक पुनस्र्थापना में सहायता प्रदान करने तथा शासन के वित्तीय भार को कम करने के लिये खुली जेलें बनाई जा रही हैं।

उल्लेखनीय है कि खुली जेलों में सिर्फ दण्डित कैदी रखे जा रहे हैं तथा इनमें विचाराधीन कैदियों को नहीं रखा जाता है। यहां तक कि महिला बंदियों एवं उनके बच्चों को भी नहीं रखा गया है। खुली जेल होशंगाबाद की क्षमता 25 कैदी की है परन्तु इसमें 18 कैदी रखे गये हैं जबकि इंदौर ओपन जेल की क्षमता 10 है और उसमें 11 कैदी रखे गये हैं। सतना की खुली जेल की क्षमता 25 है परन्तु उसमें अभी कोई कैदी नहीं रखा गया है। सागर ओपन जेल में क्षमता 12 की है और उसमें 5 कैदी रह रहे हैं। जबलपुर ओपन जेल में क्षमता 10 कैदियों की है लेकिन उसमें 4 कैदी ही रखे गये हैं जबकि भोपाल ओपन जेल की क्षमती 12 है और उसमें 10 कैदी रह रहे हैं।