भोपाल: राज्य सरकार ने कुपोषण से निपटने के लिये स्वस्थ्य बालक एवं बालिका प्रतिस्पर्धा का आयोजन करने की योजना बनाई थी और इसे लांच करने की भी तैयारी थी परन्तु कोविड के बढ़ते मामले देखते हुये इस रोक दिया है।

दरअसल उक्त योजना शुरु करने का सुझाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएम कानक्लेव में दिया था जिस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने इसकी पूरी रुपरेखा तैयार कर ली थी। इस कार्यक्रम के तहत प्रदेशभर में शिविर लगाये जाने थे जिसमें केंद्र सरकार के पोषण ट्रेकर एप्लीकेशन लेकर विभागीय कर्मचारी बैठने वाले थे। शिविर में आने वाले बच्चों की उम्र एवं वजन बताये जाने पर उसे पोषण ट्रेकर एप्लीकेशन में डाला जाकर पता किया जाता कि वह आदर्श स्थिति से किता सही है और कितना कम।

आदर्श स्थिति के अनुसार बच्चे के होने पर वह स्वस्थ्य माना जाता है तथा आदर्श स्थिति के अनुसार न होने पर कुपोषित। ऐसे कुपोषित बच्चों का पता चलने पर उसके अभिभावकों को बताया जाता है कि उसे कुपोषण से निपटने के लिये क्या-क्या कदम उठाने चाहिये। इस शिविर में हर वर्ग का व्यक्ति आकर अपने बच्चों की स्थिति जान सकता था। लेकिन कोविड के कारण इस कार्यक्रम को करने से रोक दिया गया है तथा कोविड कम होने पर इसे शुरु किया जायेगा।