Manipur Violence Video: मणिपुर में एक समुदाय की दो महिलाओं को खुलेआम बिना कपड़ों के परेड कराने को लेकर देशभर में गुस्सा साफ़ तौर पर दिख रहा है. सड़क से लेकर संसद तक इस मामले की गूंज सुनाई दे रही है. वीडियो वायरल होने के बाद से ही हर कोई मणिपुर सीएम एन बीरेन सिंह के इस्तीफ़े की मांग कर रहा हैं.

वीडियो वायरल होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले पर स्वत: संज्ञान लिया. मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने केंद्र को फटकार लगाते हुए कड़े शब्दों में कहा कि जो वीडियो सामने आए हैं उससे हम बेहद परेशान हैं. अगर सरकार कार्रवाई नहीं करेगी तो हम करेंगे. अब CJI चंद्रचूड़ के इस बयान पर एक ''Dr. Sudhanshu Trivedi ᴾᵃʳᵒᵈʸ'' नामक ट्विटर अकाउंट से पलटवार किया गया.

सुप्रीम कोर्ट को बंगाल-राजस्थान-झारखंड का दर्द क्यों नहीं दिखता?

ट्विटर पर एक पोस्ट में ''Dr. Sudhanshu Trivedi ᴾᵃʳᵒᵈʸ'' नामक यूजर ने लिखा, सिर्फ मणिपुर पर ही क्यों? सुप्रीम कोर्ट को बंगाल-राजस्थान-झारखंड का दर्द क्यों नहीं दिखता? बंगाल हिंसा के दौरान महिलाओं के साथ गैंगरेप की घटनाएं सामने आईं. कितने परिवार काल की भेंट चढ़ गए. राजस्थान में एक परिवार के कई लोगों को जिंदा जला दिया गया. तब सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान नहीं लिया.

Dr. Sudhanshu Trivedi ᴾᵃʳᵒᵈʸ

यूजर ने लिखा, बीते दिनों बंगाल में हुए पंचायत चुनाव में 50 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी. मणिपुर की घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह स्वत: संज्ञान लेगा. लेकिन, क्या बंगाल पंचायत चुनाव हिंसा पर उसे यह महसूस नहीं हुआ कि स्वत: संज्ञान लेना चाहिए. जबकि, मृतकों का यह आंकड़ा दिल्ली दंगों से भी ज्यादा है.

यूजर ने आगे कहा, मणिपुर की घटना पर कोर्ट को गुस्सा आ रहा है तो झारखंड पर चुप्पी क्यों? झारखंड में एक महिला को निर्वस्त्र कर पूरे गांव में घुमाया गया और जूते-चप्पलों से पीटा. मणिपुर में जो हुआ वो अमानवीय, शर्मनाक और अतिशीघ्र कठोरतम दण्ड लायक़ है. कोर्ट का स्वतः संज्ञान लेना भी ठीक है पर यही कोर्ट राजस्थान जहां रोज़ रेप हो रहे हैं एक बार भी स्वतः संज्ञान नहीं लेता, क्यों? राजस्थान की माँ, बहन, बेटियाँ अलग है?