इंदौर के महू में बुधवार रात एक आदिवासी युवती की मौत के बाद बवाल हो गया। आक्रोशित लोगों ने पुलिस चौकी पर पथराव कर तोड़फोड़ की। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इस दौरान गोली लगने से एक युवक की मौत हुई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। 

मामला महू के बडगोंदा थाना क्षेत्र का है। युवती की मौत के बाद परिजन ने गैंगरेप के बाद हत्या का आरोप लगाया है। बुधवार शाम को चौकी के सामने युवती का शव रखकर किये जा रहे प्रदर्शन के दौरान हालत बिगड़ गए। प्रदर्शकरियों और पुलिस के बीच झड़प के बाद करीब एक घंटे तक जमकर बवाल हुआ। फिलहाल मौके पर भारी बल तैनात किया गया है। 

बवाल के बीच गोली लगने से 18 वर्षीय आदिवासी युवक भेरूलाल की मौत हो गई। प्रदर्शन में एक अन्य युवक के पैर में भी गोली लगी है। ग्रामीण क्षेत्र में धारा 144 लगा दी गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। 

पुलिसकर्मियों का कहना है कि युवती की मौत करंट लगने से हुई थी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि युवती की हत्या की गई है। वह आरोपी युवक को उन्हें सौंपने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने युवती का पोस्टमॉर्टम कराकर शव दे दिया।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे भाजपा सरकार का जंगलराज करार दिया है। कमलनाथ ने घटना की जांच के लिए आदिवासी विधायकों का दल गठित किया है। इसमें कांतिलाल भूरिया, बाला बच्चन, झूमा सोलंकी और पांचीलाल मेड़ा शामिल हैं। इधर उज्जैन पहुंचे गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने महू में हुई घटना की जांच कराने की बात कही है।