भोपाल। राज्य सरकार ने वन विभाग के एक रिटायर्ड एसीएफ को उसकी पेंशन से 5 वर्ष तक दस प्रतिशत राशि काटने का दण्ड दिया है। यह एसीएफ यानि सहायक वन संरक्षक आरएन सक्सेना हैं जो 24 सितम्बर 2014 से सितम्बर 2018 तक उप वनमंडलाधिकारी इंदौर में पदस्थ थे। 

इन पर आरोप था कि चौरल वन परिक्षत्र में 3 हजार 227 वृक्षों की अवैध कटाई एवं 3 हजार 640 वृक्षों को गर्डल्ड यानि छंटाई की गई जिससे उनका अवैध कटाई पर नियंत्रण नहीं पाया गया। इस अवैध कटाई पर क्षेत्रीय अधिकारी, कर्मचारियों  पर वन अपराध प्रकरण दर्ज किये गये थे। इस अवैध कटाई से शासन को 6 लाख 93 हजार 361 रुपये की हानि हुई थी। 30 अप्रैल 2020 को एसीएफ सक्सेना रिटायर हो गये लेकिन विभागीय जांच होने से उनकी पेंशन रोक दी गई थी। 

पेंशन शीघ्र शुरु हो इसके लिये सक्सेना ने 19 नवम्बर 2020 को उनके विरुध्द अधिरोपित शास्ति की राशि 44 हजार 645 रुपये शासन के खजाने में जमा करा दी। इस राशि का जमा कराना शासन ने आरोप स्वयंसिध्द होना माना। इसी आधार पर अब सक्सेना की पेंशन से 10 प्रतिशत राशि पांच साल तक काटने का निर्णय लिया गया है। यह पेंशन राशि काटने पर सक्सेना पर कुल 2 लाख 96 हजार 400 रुपयों का वित्तीय भार आयेगा।