देश में पेट्रोल और डीजल 3-3 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है। नए दाम आज 15 मई से लागू हो गए हैं। करीब 2 साल बाद दामों में ये बढ़ोतरी की गई है। पांच राज्यों में चुनाव नतीजों के बाद पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ने की आशंका पहले ही जताई जा रही थी।
अब भोपाल में पेट्रोल का रेट 106.68 रुपए से बढ़कर 109.82 रुपए प्रति लीटर हो गया है। डीजल 91.87 रुपए की जगह 94.98 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। इसी तरह उज्जैन में पेट्रोल 110.18 रुपए और डीजल 95.36 रुपए, जबलपुर में पेट्रोल 109.79 रुपए और डीजल 95 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है।
वहीं इंदौर में पेट्रोल का रेट 109.81 रुपए प्रति लीटर और डीजल का रेट 95.02 रुपए प्रति लीटर हो गया है। स्पीड पेट्रोल की कीमत बढ़कर 119.56 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है। इससे पहले इंदौर में पेट्रोल 106.58 रुपए प्रति लीटर और डीजल 91.97 रुपए प्रति लीटर मिल रहा था।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों के साथ प्रमुख शहरों में सीएनजी भी 2 रुपए प्रति किलो तक महंगी हो गई हैं। दिल्ली में अब एक किलो सीएनजी के लिए 79.09 रुपए खर्च करने होंगे। डीजल के दाम बढ़ने का सीधा असर आम आदमी की जेब और किचन पर पड़ता है।
पेट्रोल और डीजल की वृद्धि से ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ जाएगा, जिससे दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो जाएंगे। वहीं ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों को ज्यादा खर्च करना होगा, जिससे अनाज की लागत बढ़ेगी।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी?
इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं।
क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं।
पड़ोसी देशों में बढ़े दाम, भारत में अब हुआ इजाफा
सरकार अब तक यह तर्क देती रही थी कि पश्चिम एशिया युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में उछाल आया है। इसके चलते पाकिस्तान, नेपाल और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 15% से 20% तक बढ़ गईं, लेकिन भारतीय उपभोक्ताओं पर इसका बोझ नहीं डाला गया।
2024 से नहीं बदले थे दाम
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर बनी हुई थीं। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में ?2 प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी। हालांकि, तकनीकी रूप से भारत में ईंधन की कीमतें विनियमित हैं और कंपनियां अंतरराष्ट्रीय क्रूड की 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर हर दिन रेट बदल सकती हैं, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण इन्हें लंबे समय तक नहीं बदला गया।