चाइल्ड लाइन ने किया रेस्क्यू

भोपाल,

बिना टिकट ट्रेन में सफर कर रही एक 15 वर्षीय किशोरी को रेलवे चाइल्ड लाइन ने रेस्क्यू किया है। किशोरी की की जब काउंसलिंग की गई तो काउंसलर भी चौक गए। किशोरी ने बताया कि उसके माता पिता बिहार में रहते हैं, लेकिन वहां पढ़ाई का उतना माहौल नहीं है। ऐसे में वह बुआ के यहां रहती है।

काउंसलिंग के बाद परिजन को सौंपा

चाइल्ड लाइन कॉर्डिनेटर संजीव जोशी ने बताया कि किशोरी को बिना टिकट अकेला देखकर टीटी ने आरपीएफ को सूचना दी थी। इसके बाद किशोरी को चाइल्ड लाइन को सुपुर्द किया गया। काउंसलिंग के बाद किशोरी को बाल कल्याण समिति के आदेश पर उसके परिजन को सौंपा गया| 

दीदी का गुस्सा देख जाने का मन बनाया

छोटी बहन को अब हर्ट नहीं करूंगी

इस दौरान रेलवे चाइल्ड लाइन ने फुफेरी बड़ी बहन से भी बात की। उसने माना कि वह गुस्से में कई बार छोटी बहन को ऐसा बोल देती है। हालांकि, उसने कहा कि वह ऐसा कभी करेगी| वह चाहती कि बहन अपने माता-पिता के पास लौट जाए। उसने कहा कि वह छोटी बहन को अब हर्ट नहीं करेगी।

परिजन की भी हुई काउंसलिंग

वहीं, किशोरी के पेरेंट्स और बुआ-फुफाजी की भी काउंसलिंग की गई। उन्होंने कहा कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि बच्ची के मन में क्या चल रहा है। वह आगे से ध्यान रखेंगे कि बच्ची उनसे अपने मन की बातें शेयर कर सके।

बाकी सब अच्छा है, लेकिन बुआ की बेटी यानी बड़ी दीदी मुझसे बहुत झगड़ा करती है। दीदी, हमेशा मुझे कहती है कि तेरे यहां रहने के कारण मेरा प्यार बंट गया है। मेरे मम्मी-पापा, मुझसे अधिक ध्यान तेरा रखते हैं।