पाकिस्तान के सिंध प्रांत के कस्बा टांडो आदम में इस समय ओम चिन्ह वाली चप्पलों की बिक्री जोरों पर है। इस कारण हिन्दुओं में काफी गुस्सा है। पाकिस्तान हिंदू काउन्सिल के संरक्षक-इन-चीफ डॉ. रमेश कुमार ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री तथा सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर इस मामले को हिंदू विरोधी तथा हिंदू समुदाय के लोगों की धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने वाला माना है। 

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हिंदुओं के पवित्र धार्मिक प्रतीक 'ओम' के साथ बने हुए जूतों की बिक्री का विरोध किया जा रहा है और उन्हें बेचने वाले दुकानदारों के इस कार्य को "दुर्भाग्यपूर्ण" और "निन्दनीय" कार्यों के रूप में वर्णित किया गया है। रमेश कुमार ने आरोप लगाया कि इस समय टांडो आदम कस्बे में 20 से अधिक दुकानदार इस तरह की चप्पलें बेच रहे हैं। 

“पिछले तीन वर्षों से मुस्लिम ईद त्योहार के अवसर पर, टांडो आदम कस्बे के कुछ दुकानदार इस तरह के जूते बेच रहे हैं जिन पर, हिंदू धार्मिक चिह्न पवित्र नाम 'ओम' प्रदर्शित होता है। इसका उद्देश्य सिर्फ स्थानीय हिंदुओं की भावनाओं का अपमान करना है। चूंकि 'ओम' हिंदू धर्म का पवित्र धार्मिक प्रतीक है जो ईश्वर की एकता की बात करता है।

एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 180 मिलियन लोगों की आबादी वाले देश में लगभग 80 लाख हिंदू हैं। अधिकांश पाकिस्तानी हिंदू सिंध के दक्षिणी प्रांत में रहते हैं। हिंदू समुदाय का कहना है कि "इन जूतों की तस्वीरें हिंदू समुदाय से संबंधित सदस्यों द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई हैं और हम मांग करते हैं कि इन्हें तुरंत दुकानों से हटा दिया जाए।