P20 Summit India: भारत में 'पार्लियमेंट-20' समिट यानी P-20 का आयोजन हो रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए P-20 देशों के नेताओं को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने इस समिट को एक महाकुंभ बताया.
उन्होंने कहा कि ये P20 समिट उस भारत भूमि पर हो रही है, जो दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है. दुनिया के विभिन्न पार्लियमेंटस के प्रतिनिधि के तौर पर आप जानते हैं कि पार्लियामेंट बहस और विचार-विमर्श का महत्वपूर्ण स्थान होती है. हमारे यहां हजारों वर्ष पहले भी बहस और विचार-विमर्श के बहुत ही सटीक उदाहरण हैं.
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पीएम मोदी ने कहा, किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत उसके लोगों में, उसके लोगों की आकांक्षाओं में निहित होती है. आज ये शिखर सम्मेलन भारत के लोगों की शक्ति का जश्न मनाने का माध्यम बन गया है. समय के साथ भारत की संसदीय प्रक्रियाओं में निरंतर सुधार हुआ है. ये प्रक्रियाएं और सशक्त हुई हैं. भारत में हम लोग आम चुनाव को सबसे बड़ा पर्व मानते हैं.
उन्होंने बताया कि साल 1947 में आजादी मिलने के बाद से अब तक भारत में 17 आम चुनाव और 300 से अधिक राज्य विधानसभा चुनाव हो चुके हैं. 2019 के आम चुनाव में देशवासियों ने मेरी पार्टी को लगातार दूसरी बार विजयी बनाया है. 2019 का आम चुनाव मानव इतिहास की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक जीत थी क्योंकि इसमें 60 करोड़ से अधिक वोटर्स ने हिस्सा लिया था.
पीएम मोदी बोले, समय के साथ भारत की संसदीय प्रक्रियाएँ लगातार बेहतर हुई हैं, साथ ही और अधिक मजबूत भी हुई हैं. भारत में हम आम चुनाव को सबसे बड़ा त्योहार मानते हैं. समय के साथ भारत ने चुनाव प्रक्रिया को आधुनिक टेक्नोलॉजी से भी जोड़ा है. भारत करीब 25 साल से Electronic Voting Machine यानी EVM का इस्तेमाल कर रहा है. EVM के उपयोग से हमारे यहां चुनाव में पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया में क्षमता, दोनों बढ़ी हैं.
उन्होंने बताया कि भारत न सिर्फ दुनिया के सबसे बड़े चुनाव आयोजित करता है, बल्कि इनमें अपने लोगों की भागीदारी में बढ़ोतरी भी सुनिश्चित करता है. 21वीं सदी की इस दुनिया में, भारत की जीवंतता और विविधता में एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत के रूप में खड़ी है. यह जीवंतता हमें हर चुनौती से लड़ने, हर समस्या का समाधान खोजने की प्रेरणा देती है.
पीएम मोदी ने कहा, यह शांति और भाईचारे का समय है, साथ मिलकर चलने का समय है, साथ आगे बढ़ने का समय है. यह सबके विकास और कल्याण का समय है. हमें वैश्विक विश्वास के संकट को दूर करना होगा और मानव केंद्रित सोच पर आगे बढ़ना होगा. हमें विश्व को One Earth, One Family, One Future की भावना से देखना होगा.
उन्होंने कहा कि आज विश्व संघर्षों और टकरावों का सामना कर रहा है. एक विभाजित दुनिया मानवता के सामने आने वाले मुद्दों और चुनौतियों का समाधान सुनिश्चित नहीं कर सकती. यह शांति और भाईचारे का समय है, साथ मिलकर चलने का समय है. यह समय सबके विकास और कल्याण का है. हमें वैश्विक विश्वास संकट से उबरना होगा और मानव-केंद्रित सोच पर आगे बढ़ना होगा. हमें विश्व को एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य की भावना से देखना होगा. जितना अधिक हम दुनिया के लिए निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में भाग लेंगे, उतना ही अधिक प्रभाव हम दुनिया भर में डालेंगे.