प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम दौरे पर है, उन्होंने वहां सात नए कैंसर अस्पताल का उद्घाटन किया। इस मौके पर उद्घाटन से पहले दिग्गज कारोबारी रतन टाटा ने अपनी कुछ ख़ास बाते सामने रखी, लेकिन टाटा काफ़ी इमोशनल नजर आए। पहले तो उन्होंने हिंदी में न बोलने के लिए माफी मांगी। फिर उन्होंने कहा, मैं अपने जीवन के अंतिम वर्षों को स्वास्थ्य के लिए समर्पित करता हूं। असम को एक ऐसा राज्य बनाएं जिसे हर कोई बेहतर इलाज़ के लिए जाने। टाटा के भाषण के दौरान पीएम मोदी के अलावा असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा और पूर्व सीएम सर्बानंद सोनोवाल भी मंच पर मौजूद रहे।
#WATCH Dibrugarh: "I dedicate my last years to health. Make Assam a state that recognizes & is recognized by all,"says industrialist Ratan Tata at an event where PM Modi will shortly be inaugurating 7 state-of-the-Art-Cancer-Centres & lay foundation stone for 7 new Cancer centres pic.twitter.com/LFbhjc6SA5
— ANI (@ANI) April 28, 2022
कुछ देर भाषण देने के बाद रतन टाटा अपने आप को संयमित नहीं कर पाए। ज्यादा उम्र के कारण उनकी आवाज कांप रही थी। भाषण में ख़ास बात यह रही कि, उनका हर एक शब्द दिल से निकला था। उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता कि हिंदी में भाषण कैसे देना है, इसलिए मैं अंग्रेजी में बोलूंगा।
टाटा ने असम में कैंसर अस्पतालों के उद्घाटन को राज्य के इतिहास में एक बड़ा दिन बताया। उन्होंने कहा कि, स्वास्थ्य और कैंसर के इलाज के लिए देश में असम जाना जायेगा। इस बीच पीएम मोदी टाटा की हर बात को गौर से सुनते नजर आए। कुछ ही समय बाद टाटा ने अंग्रेजी में बोलने के बाद हिंदी में बोलना शुरू किया।
उन्होंने कहा, असम दुनिया को बता सकता है कि भारत का एक छोटा राज्य कैंसर के इलाज भी कर सकता है। टाटा ने मोदी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, मैं मोदी सरकार का शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने असम को भुलाया नहीं, बल्कि आगे बढ़ाया।