प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात दौरे के दूसरे दिन शनिवार को अहमदाबाद में खेल महाकुंभ 2022 का उद्घाटन किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि, मेरे सामने युवा जोश का ये सागर, ये उमंग, ये उत्साह की लहरें बता रही हैं कि गुजरात का नौजवान आसमान छूने को तैयार है। ये न केवल खेलों का महाकुंभ है बल्कि ये गुजरात की युवा शक्ति का भी महाकुंभ है। कोरोना के कारण 2 साल तक खेल महाकुंभ पर रोक लगी रही। लेकिन भूपेन्द्र भाई ने जिस भव्यता के साथ इस आयोजन को शुरू किया है, उसने युवा खिलाड़ियों को नए जोश से भर दिया है। 

 

खेल महाकुंभ बना विशाल वृक्ष

पीएम मोदी बोले, 12 साल पहले 2010 में गुजरात के मुख्यमंत्री के नाते गुजरात में खेल महाकुंभ की शुरूआत की थी। आज मैं कह सकता हूँ कि जिस सपने का बीज मैंने बोया था, वो आज वट वृक्ष बनता दिख रहा है। उस बीज को मैं आज इतने विशाल वट वृक्ष का आकार लेते देख रहा हूँ। खेल महाकुंभ से निकलने वाले युवा ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, ऐशियन गेम्स समेत कई वैश्विक खेलों में आज देश और गुजरात के युवा अपने जलवे बिखेरे रहे हैं। ऐसी ही प्रतिभाएं आपके ही बीच से इस महाकुंभ से निकलने वाली हैं। खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता की कमी भी एक बड़ा फैक्टर थी। खिलाड़ियों की सारी प्रतिभा परेशानियों से जूझने में ही निकल जाती थी। उस भंवर से निकलकर भारत के युवा आज आकाश छू रहे हैं। गोल्ड और सिल्वर की चमक देश के आत्मविश्वास को चमका रही है।

भारतीय तिरंगे की ताकत जानिए :

पीएम मोदी बोले, दुनिया का सबसे युवा देश खेल के मैदान में भी एक ताकत बनकर उभर रहा है। टोक्यो ओलंपिक में भारत ने पहली बार 7 मेडल जीते हैं। यही रिकॉर्ड भारत के बेटे-बेटियों ने पैरालंपिक में भी बनाया है। भारत ने इस वैश्विक प्रतियोगिता में 19 मेडल जीते हैं।आज मैं लाखों युवाओं के सामने हिम्मत के साथ कह सकता हूं कि भारत की युवा शक्ति इसे बहुत आगे लेकर जाएगी। वो दिन दूर नहीं जब हम कई खेलों में, कई गोल्ड एक साथ जीतने वाले देशों में हिंदुस्तान का तिरंगा भी लहराता होगा। इस बार यूक्रेन से जो नौजवान युद्ध के मैदान से वापस आये हैं, बम, गोलों के बीच से आये हैं। उन्होंने आकर ये कहा कि तिरंगे की आन, बान, शान क्या होती है, ये आज हमने यूक्रेन में अनुभव किया है।

न एक जीत कभी हमारा आखिरी पड़ाव हो सकती है, न एक हार : 

पीएम मोदी बोले, आज स्टार्टअप इंडिया से लेकर स्टैंडअप इंडिया तक..! मेक इन इंडिया से लेकर आत्मनिर्भर भारत और ‘वोकल फॉर लोकल’ तक..! नए भारत के हर अभियान की ज़िम्मेदारी भारत के युवाओं ने खुद आगे बढ़कर उठाई है। हमारे युवाओं ने भारत के सामर्थ्य को साबित करके दिखाया। मेरी आप सब युवाओं के लिए भी सलाह है- सफलता के लिए कभी कोई शॉर्टकट मत खोजिएगा..! सफलता का केवल एक ही मंत्र है- ‘Long term planning, और continuous commitment’. न एक जीत कभी हमारा आखिरी पड़ाव हो सकती है, न एक हार। पहले हमारी युवा प्रतिभाएं दबी रह जाती थीं, हमने देश की प्रतिभाओं को पहचानना, उन्हें हर जरूरी सहयोग देना शुरू किया। प्रतिभा के बावजूद हमारे युवा पीछे रह जाती थी, आज बेहतर से बेहतर ट्रेनिंग सुविधाएं खिलाड़ियों को दी जा रही हैं। 2018 में हमने मणिपुर में देश की पहली नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना की। स्पोर्ट्स में उच्च शिक्षा के लिए उत्तर प्रदेश में भी मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी शुरू होने जा रही है। IIM रोहतक में स्पोर्ट्स मैनेजमेंट में PG डिप्लोमा शुरू किया है। आने वाले समय में भारत स्पोर्ट्स के मामले में भी नंबर बन बनने के लिए तैयार है।