PM Modi Maan Ki Baat Live: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर महीने के आखिरी रविवार के दिन देश को संबोधित करते हैं. वह अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिए सभी देशवासियों को संबोधित करते हैं. आज रविवार (26 नवंबर) को 'मन की बात' कार्यक्रम का यह 107वां एपिसोड है. जिसका लाइव प्रसारण सुबह 11 बजे से शुरू हुआ, जो करीब 30 मिनिट तक चला.

मुंबई हमले के शहीदों को दी श्रद्धांजलि-

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि आज 26 नवंबर की तारीख है, जिसे कभी भूला नहीं जा सकता है. आज के दिन ही हमारे देश पर सबसे जघन्य आतंकी हमला हुआ. आतंकियों ने मुंबई समेत पूरे देश को हिला दिया था. ये भारत का सामर्थ्य है कि हम उस हमले से उबरे और आज आतंक को कुचल रहे हैं. मुंबई हमले में जान गंवाने वाले लोगों को मैं श्रद्धांजलि देता हूं. मुंबई आतंकी हमले में लोगों की सुरक्षा करते हुए जिन जाबांज जवानों ने जान की बाजी लगाई, उन्हें आज देश याद कर रहा है. मैं उन सभी जांबाजों को श्रद्धांजलि देता हूं.

पीएम मोदी ने बताए संविधान से जुड़े किस्से-

पीएम मोदी ने आगे कहा, 26 नवंबर का दिन एक और वजह से खास भी है. इस दिन ही संविधान सभा ने भारत के संविधान को अपनाया था. 2015 में जब संविधान निर्माता बीआर अंबेडकर की 125वीं जयंती मनाई जा रही थी, तब हमने 26 नवंबर को संविधान दिवस के तौर पर मनाने का ऐलान किया. मैं सभी देशवासियों को संविधान दिवस की बधाई देता हूं. संविधान को तैयार करने में 2 साल 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था. श्री सच्चिदानंद जी संविधान सभा के सबसे बुजुर्ग सदस्य थे. 60 देशों के संविधान के गहन अध्ययन के बाद हमारा संविधान तैयार हुआ. संविधान को अंतिम रूप देने से पहले उसमें 2000 से ज्यादा संशोधन किए गए थे. अब तक सभी सरकारों ने अपने-अपने हिसाब से 106 बार संविधान संशोधन किया है.

उन्होंने आगे बताया कि दुर्भाग्य की बात ये है कि संविधान का पहला संशोधन 'बोलने की आजादी' और 'अभिव्यक्ति की आजादी' में कटौती करने के लिए हुआ था. वहीं, 44वें संशोधन के जरिए आपातकाल के समय हुई गलतियों को सुधारा गया था. ये भी बड़ी प्रेरक बात है कि संविधान सभा के कुछ सदस्य मनोनीत किए गए थे, जिसमें से 15 महिलाएं थीं. ऐसी ही एक महिला हंसा मेहता जी ने महिलाओं के अधिकारों की बात की थी. राष्ट्र निर्माण में जब सबका साथ होता है, तभी सबका विकास हो पाता है. मुझे संतोष है कि संविधान निर्माताओं के उसी दूरदृष्टि का पालन करते हुए अब भारत की संसद ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को पास किया है. 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' हमारे लोकतंत्र की संकल्प शक्ति का उदाहरण है. ये विकसित भारत के हमारे संकल्प को गति देने के लिए भी उतना ही सहायक होगा.

वोकल फॉर लोकल का किया जिक्र-

पीएम मोदी बोले, मैं पिछले महीने मन की बात में वोकल फॉर लोकल यानी स्थानीय उत्पादों को खरीदने पर जोर दिया गया था. बीते कुछ दिनों के भीतर ही दिवाली, भैया दूज और छठ पर देश में चार लाख करोड़ से ज्यादा का कारोबार हुआ है. इस दौरान भारत में बने उत्पादों को खरीदने का जबरदस्त उत्साह लोगों में देखा गया. इन दिनों कुछ परिवारों ने विदेशों में जाकर शादी करने शुरू किया है. इससे एक नया वातावरण बनता जा रहा है. क्या ये जरूरी है? भारत की मिट्टी में, भारत के लोगों के बीच, अगर हम शादी ब्याह मनाएं, तो देश का पैसा, देश में रहेगा.

उन्होंने आगे कहा कि देश के लोगों को आपकी शादी में कुछ-न-कुछ सेवा करने का अवसर मिलेगा, छोटे-छोटे गरीब लोग भी अपने बच्चों को आपकी शादी की बातें बताएंगे. अब तो घर के बच्चे भी दुकान पर कुछ खरीदते समय ये देखने लगे हैं कि उसमें मेड इन इंडिया लिखा है या नहीं लिखा है. इतना ही नहीं, ऑनलाइन सामान खरीदते समय अब लोग कंट्री ऑफ ऑरिजन भी देखना नहीं भूलते हैं. जैसे 'स्वच्छ भारत अभियान' की सफलता ही उसकी प्रेरणा बन रही है, वैसे ही वोकल फॉर लोकल की सफलता, विकसित भारत-समृद्ध भारत के दरवाजे खोल रही है.

डिजिटल पेमेंट को दें बढ़ावा-

पीएम मोदी ने बताया कि ये दूसरा साल है, जब दीपावली के मौके पर कैश देकर कुछ सामान खरीदने का प्रचलन धीरे-धीरे कम होता जा रहा है. यानी, अब लोग ज्यादा से ज्यादा डिजिटल पेमेंट कर रहे हैं. ये भी बहुत उत्साह बढ़ाने वाला है. आप तय करिए कि एक महीने तक आप यूपीआई से या किसी डिजिटल माध्यम से ही पेमेंट करेंगे, कैश पेमेंट नहीं करेंगे. भारत में डिजिटल क्रांति की सफलता ने इसे बिल्कुल संभव बना दिया है. इंटेलिजेंस, आइडिया और इनोवेशन आज भारतीय युवाओं की पहचान बन गया है. इसमें टेक्नोलॉजी के जुड़ जाने से उनकी बौद्धिक संपदा में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. ये अपने आप में देश के सामर्थ्य को बढ़ाने वाला महत्पवूर्ण प्रगति है. आपको ये जानकर अच्छा लगेगा कि 2022 में भारत के पेटेंट आवेदन में 31 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है. मैं इसके लिए युवाओं को बधाई देता हूं.

उन्होंने आगे कहा, स्वच्छ भारत अभियान ने साफ-सफाई और सार्वजनिक स्वच्छता को लेकर लोगों की सोच बदल दी है. सूरत में एक टीम ने मिलकर प्रोजेक्ट सूरत की शुरुआत की है. इसके जरिए सूरत को मॉडल शहर बनाया जा रहा है, जो सफाई और सतत विकास की मिसाल बने. इस पहल के जरिए पहले बीच की सफाई होती थी, मगर अब नदी को भी साफ किया जा रहा है.

पश्मीना शाल का किया जिक्र-

पीएम मोदी ने कहा कि मैं आप सभी से लद्दाख का एक प्रेरक उदाहरण शेयर करना चाहता हूं. आपको पश्मीना शाल के बारे में मालूम होगा. पिछले कुछ समय से लद्दाखी पश्मीना की भी बहुत चर्चा हो रही है. लद्दाखी पश्मीना लूम्स ऑफ लद्दाख के नाम से दुनियाभर के बाजारों में पहुंच रहा है. इसे 450 से ज्यादा महिलाएं 15 गांव में तैयार कर रही हैं.