प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन को आज संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने हिंदी में अपना भाषण दिया। उन्होंने कहा कि इस साल भारत की अर्थव्यवस्था के 7.5 फीसदी की दर से बढ़ने की उम्मीद है। मुझे खुशी है कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।
पीएम ने कहा, हम प्रत्येक सेक्टर में इनोवेशन का समर्थन कर रहे हैं। आज भारत में 70 हजार से ज्यादा स्टार्टअप है, जिसमें 100 से अधिक यूनीकॉर्न हैं। इस क्षेत्र में हमारा अनुभव SCO देशों के काम आ सकता है। इसी उद्देश्य से हम SCO सदस्य देशों के साथ अनुभव साझा करने के लिए तैयार हैं।
साथ ही पीएम मोदी ने कहा हम भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब में बदलना चाहते हैं। अप्रैल 2022 में, WHO ने गुजरात में अपने ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन का उद्घाटन किया। डब्ल्यूएचओ द्वारा पारंपरिक उपचार के लिए यह पहला और एकमात्र वैश्विक केंद्र था। भारत पारंपरिक दवाओं पर एक नए SCO कार्य समूह के लिए पहल करेगा।
At the SCO Summit in Samarkand, emphasised on the constructive role SCO can play in the post-COVID era particularly in furthering economic recovery and strengthening supply chains. Highlighted India’s emphasis on people-centric growth which also gives importance to technology. pic.twitter.com/kwF5bDESkR
— Narendra Modi (@narendramodi) September 16, 2022
हम जन-केंद्रित विकास मॉडल पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हम हर क्षेत्र में नवाचार का समर्थन कर रहे हैं। दुनिया COVID-19 महामारी पर काबू पा रही है। COVID और यूक्रेन संकट के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में कई व्यवधान उत्पन्न हुए। हम भारत को एक विनिर्माण केंद्र में बदलना चाहते हैं।
इससे पहले SCO शिखर सम्मेलन मे भाग लेने के लिए समरकंद पहुंचे पीएम मोदी का उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति ने स्वागत किया। शिखर सम्मेलन में शिरकत करने के दौरान पीएम मोदी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
वहीं SCO समिट के संबेध में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट करके इस बात की जानकारी ही है, कि, "पीएम नरेंद्र मोदी क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा, व्यापार और संपर्क, संस्कृति और पर्यटन सहित सामयिक, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए SCO सदस्य देशों के नेताओं के साथ शामिल हुए।"