प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिपुर में दूसरें चरण की वोटिंग से पहले एक वर्चुअल रैली को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि, मणिपुर की इस ऐतिहासिक भूमि ने कल इतिहास रच दिया। पहले दौर के चुनाव के बाद लोगों ने यह सुनिश्चित किया है कि राज्य में विकास जारी रहेगा। मणिपुरी उन लोगों को मौका नहीं दे रहे हैं जिन्होंने मणिपुर को सालों तक अस्थिर रखा। पीएम ने कहा, कांग्रेस ने मणिपुर का विकास नहीं किया, बल्कि मणिपुर को शांति और खुशहाली से दूर रखा। कांग्रेस ने अलगाववाद को बढ़ाया। Hill और Valley के नाम पर लोगों को बांटने के षड्यंत्र रचे। इन लोगों से मणिपुर के लोगों को हमेशा सावधान रहना है।

पीएम मोदी ने कहा कि, भाजपा सरकार 'गो टू हिल्स, गो टू विलेज' जैसी कई एकीकृत पहल चला रही है, जो उनके अलगाववादी प्रचारों को हरा रही है। यह कांग्रेस को भी बर्बाद कर रहा है। हमारे लिए मणिपुर और पूर्वोत्तर भारत की एकता का केंद्र है। कांग्रेस का फोकस मणिपुर को लूटने पर ज्यादा था, न कि इसे विकसित करने पर। ये लोग राज्य को लूटने में इतने मशगूल थे कि उन्होंने क्षेत्र के लोगों की वास्तविक समस्याओं को कभी नहीं सुना।

पीएम ने कहा, केंद्र सरकार के मंत्री भी अब ज्यादा से ज्यादा पूर्वोत्तर में आते हैं। मैं खुद पूर्वोत्तर के विकास कार्यों की निरंतर समीक्षा करता हूं। ये समय आत्मनिर्भर भारत और भारत के अमृतकाल का समय है। देश ये लक्ष्य तभी हासिल करेगा, जब देश का हर राज्य एक साथ आगे बढ़े। ये दशक मणिपुर के विकास और प्रगति का दशक है और मणिपुर इस दिशा में आज तेजी से आगे बढ़ रहा है। आजादी के बाद से मणिपुर अपनी पहली ट्रेन का इंतजार कर रहा था। इसे भारत के रेलवे नेटवर्क से जोड़ने वाली भाजपा सरकार के तहत अपनी पहली ट्रेन मिली। लेआउट और कनेक्टिविटी को आगे बढ़ाते हुए नई रेलवे लाइनें भी बनाई जा रही हैं।

पीएम ने कहा, जिस मणिपुर को कभी यहां की सरकारो ने बम और ब्लोकेड में जकड़ कर रख दिया था। वहीं मणिपुर आज पूरे भारत के लिए एक्सपोर्ट और इंटरनेशनल ट्रेड का गेट वे बन रहा है। मणिपुर हमेशा से भारत की एकता और अखंडता का प्रतिनिधित्व करता रहा है। यहां के लोगों ने आजादी की लड़ाई में अपना बलिदान दिया था। लेकिन कांग्रेस ने मणिपुर के इस इतिहास को, इन बलिदानों को और नेताजी को कभी सच्चे मन से श्रद्धाजंलि तक नहीं दी।

पीएम ने कहा, 5 तारीख को आप बड़ी संख्या में मतदान करें। मणिपुर की शांति के लिए मतदान करें, विकास के लिए मतदान करें और मणिपुर के भविष्य के लिए मतदान करें। यूपीए ने कभी भी पूर्वोत्तर के विकास पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि केवल इस क्षेत्र को लूटने पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने मणिपुरी लोगों की समस्याएं कभी नहीं सुनीं। हमने इसे बदल दिया है। मणिपुर की पहचान अब स्टार्टअप, कौशल और खेल से की जा रही है। राज्य सरकार भी 5,500 से अधिक स्टार्ट-अप की मदद कर रही है।