प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सात देशों के ‘बिम्सटेक’ समूह के शिखर सम्मेलन में वर्चुअली शामिल हुए। बिम्सटेक बिना पाकिस्तान के सात देशों का एक क्षेत्रीय समूह है। बिम्सटेक समिट में संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, बिम्सटेक की स्थापना का यह 25वां वर्ष है, इसलिए आज की समिट को मैं विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानता हूँ। इस लैंडमार्क समिट के परिणाम बिम्सटेक के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय लिखेंगे।
आज के चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिपेक्ष से हमारा क्षेत्र भी अछूता नहीं रहा है। हमारी अर्थव्यवस्थाएं, हमारे लोग, अभी भी Covid-19 pandemic के दुष्प्रभावों को झेल रहे हैं। पिछले कुछ सप्ताहों के यूरोप के developments से अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के स्थायित्व पर प्रश्नचिन्ह खड़ा हो गया है। इस संदर्भ में, बिम्सटेक क्षेत्रीय सहयोग को और सक्रिय बनाना महत्वपूर्ण हो गया है।
जानिए क्या कुछ कहा पीएम मोदी ने..! लाइव
पीएम मोदी बोले, बिम्सटेक हमारी अपेक्षाओं को पूरा करे, इसके लिए सचिवालय की क्षमता को बढ़ाना भी महत्त्वपूर्ण है। मेरा सुझाव है कि सेक्रेटरी जनरल इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए एक रोडमैप बनायें। यह महत्त्वपूर्ण कार्य समय और अपेक्षा के अनुरूप पूरा हो, इसके लिए भारत सचिवालय के operational budget को बढ़ाने के लिए one मिलियन डॉलर की वित्तीय सहायता देगा। हमारे आपसी व्यापार को बढ़ाने के लिए बिम्सटेक FTA के प्रस्ताव पर शीघ्र प्रगति करना आवश्यक है। हमें अपने देशों के उद्यमियों और startups के बीच आदान-प्रदान भी बढ़ाना चाहिए। इसी के साथ हमें Trade Facilitation के क्षेत्र में international norms को अपनाने का भी प्रयत्न करना चाहिए।
पीएम ने कहा, Disaster management, विशेषकर disaster risk reduction पर सहयोग के लिए BIMSTEC Centre for Weather and Climate एक महत्त्वपूर्ण संस्था है। इसे और सक्रिय बनाने के लिए मैं आप सब का सहयोग चाहूँगा। इस Centre के कार्य को पुनः शुरू करने के लिए भारत तीन मिलियन डॉलर का योगदान करने को तैयार है। आज जब हमारा क्षेत्र स्वास्थ्य और economic security की चुनौतियों का सामना कर रहा है, हमारे बीच एकजुटता और सहयोग समय की मांग है। आज समय है Bay of Bengal को Bridge of Connectivity, Bridge of Prosperity, Bridge of Security बनाने का।