प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह 11 बजे देशवासियों को 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिए संबोधित किया. रेडियो कार्यक्रम मन की बात का आज 96वां एपिसोड हैं जो इस साल का आखिरी एपिसोड है. पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिए कहा कि 2022, कई मायने में बहुत ही प्रेरक और अद्भुत रहा. इस वर्ष भारत ने अपनी आजादी के 75 वर्ष पूरे किए और अमृतकाल का प्रारंभ हुआ. इस साल देश ने नई रफ्तर पकड़ी और सभी देशवासियों ने एक से बढ़कर एक काम किए.
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पीएम मोदी ने बताया कि साल 2022 एक और कारण से हमेशा याद किया जाएगा. ये है, 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना का विस्तार होना. देश के लोगों ने एकता और एकजुटता को जश्न के साथ मनाने के लिए कई अद्भुत आयोजन किए. 2022 में देशवासियों ने एक और अमर इतिहास लिखा है. अगस्त के महीने में चला 'हर घर तिरंगा' अभियान भला कौन भूल सकता है. वो पल थे हर देशवासी के रौंगटे खड़े हो जाते थे. आजादी के 75 वर्ष के इस अभियान में पूरा देश तिरंगामय हो गया.
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 98वीं जयंती पर पीएम मोदी ने कहा कि आज, हम सभी के श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्मदिन है. वे एक महान राजनेता थे, जिन्होनें देश को असाधारण नेतृत्व दिया. हर भारतवासी के ह्रदय में उनके लिए एक खास स्थान है.
उन्होंने आगे कहा कि आज दुनियाभर में धूमधाम से क्रिसमस का त्योहार भी मनाया जा रहा है. ये Jesus Christ के जीवन, उनकी शिक्षाओं को याद करने का दिन है. मैं आप सभी को क्रिसमस की ढेर सारी शुभकामनाएं देता हूं.
पीएम मोदी ने बयाता कि आप सभी ने मुंबई के टाटा मेमोरियल सेंटर के बारे में जरूर सुना होगा। इस संस्थान ने Research, Innovation और Cancer care में बहुत नाम कमाया है. इस सेंटर द्वारा की गई एक गहन शोध में सामने आया है कि स्तन कैंसर के मरीजों के लिए योग बहुत ज्यादा असरकारी है. दिल्ली के AIIMS में भी एक प्रयास किया जा रहा है. यहां हमारी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को सत्यापित करने के लिए छह साल पहले Centre for Integrative Medicine and Research की स्थापना की गई. इसमें Latest Modern Techniques और Research Methods का उपयोग किया जाता है.
उन्होंने आगे कहा कि आज 'मन की बात' के श्रोताओं को मैं एक और चुनौती के बारे में बताना चाहता हूं, जो अब समाप्त होने की कगार पर है. ये चुनौती, ये बीमारी है -'कालाजार'. सबके प्रयास से 'कालाजार' नाम की ये बीमारी अब तेजी से समाप्त होती जा रही है. सदियों से कल-कल बहती मां गंगा को स्वच्छ रखना हम सबकी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. इसी उद्देश्य के साथ, 8 साल पहले हमने 'नमामि गंगे अभियान' की शुरुआत की थी. हम सभी के लिए यह गौरव की बात है कि भारत की इस पहल को आज दुनियाभर की सराहना मिल रही है.